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20 साल बाद भारत को फिर मिला मौका, PM भी हुये गदगद

भारत को 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी मिल गई है। यह ऐलान सिर्फ एक स्पोर्टिंग इवेंट नहीं, बल्कि भारत के उभरते वैश्विक प्रभाव की बड़ी मुहर माना जा रहा है। ग्लास्गो में हुई राष्ट्रमंडल खेल आमसभा ने अहमदाबाद को आधिकारिक मेजबान घोषित किया। यह मौका खास इसलिए भी है, क्योंकि 2030 में राष्ट्रमंडल खेल 100 साल पूरे करेंगे और यह ऐतिहासिक संस्करण भारत में आयोजित होगा। नाइजीरिया का अबुजा भी दावेदार था, लेकिन 74 सदस्य देशों ने भारत के पक्ष में सहमति दी। बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व IOA अध्यक्ष पीटी उषा, केंद्रीय अधिकारियों और गुजरात के खेल मंत्री ने किया। कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स के अध्यक्ष डॉ. डोनाल्ड रुकारे ने कहा “भारत युवा, पैमाना, संस्कृति और महत्वाकांक्षा के साथ राष्ट्रमंडल खेलों में नया स्वर्ण युग लायेगा।” अहमदाबाद पिछले एक दशक में खेल बुनियादी ढांचे के विकास का उदाहरण बनकर उभरा है। यह मेजबानी भारत के 2036 ओलंपिक की दावेदारी को भी मजबूती देती है। पीटी उषा ने कहा “यह विश्वास हमारे लिए सम्मान की बात है। 2030 के खेल नई सदी की नींव रखेंगे।” वहीं केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने इसे गौरवपूर्ण क्षण बताते हुये कहा, “भारत 2047 तक दुनिया के शीर्ष 5 खेल राष्ट्रों में होगा।” यहां याद दिला दें कि दिल्ली ने 2010 में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की थी। अब 20 साल बाद भारत को यह जिम्मेदारी फिर मिली है, और इस बार दांव कहीं बड़ा है।

इस खास मौके पर PM मोदी ने X पर पोस्ट किया कि, “बहुत खुशी है कि भारत ने शताब्दी कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेज़बानी की बोली जीत ली है। भारत के लोगों और खेल जगत को बधाई। यह हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता और खेल भावना है जिसने भारत को ग्लोबल स्पोर्टिंग मैप पर मज़बूती से जगह दिलाई है। वसुधैव कुटुम्बकम की सोच के साथ, हम इन ऐतिहासिक खेलों को बड़े जोश के साथ मनाने के लिए उत्सुक हैं। हम दुनिया का स्वागत करने के लिए उत्सुक

2030 संस्करण में 15 से 17 खेल शामिल होंगे, जिनमें एथलेटिक्स (और पैरा), स्विमिंग (और पैरा), टेबल टेनिस (और पैरा), लान बाउल्स (और पैरा), भारोत्तोलन, जिम्नास्टिक्स, नेटबॉल और बॉक्सिंग शामिल रहेंगे।

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