उत्तर प्रदेशबस्ती

।। ईट व पत्थर के रोड़ों को नीचे बिछाने के बजाए बालू बिछाकर लगाया जा रहा है इंटरलॉकिंग ईंट ।।

।। इंटरलॉकिंग कार्य हेतु दोनों किनारों पर बनाए गए बॉक्सिंग कार्य में पीले ईंटों का प्रयोग किया जा रहा ।।

अजीत मिश्रा (खोजी)

।। ग्राम पंचायत सैफाबाद में इंटरलॉकिंग कार्य में घटिया सामग्री का हो रहा प्रयोग ।।

💫 भ्रष्टाचार की भेंट चल रहा नवनिर्मित इंटरलॉकिंग कार्य।

💫 ईट व पत्थर के रोड़ों को नीचे बिछाने के बजाए बालू बिछाकर लगाया जा रहा है इंटरलॉकिंग ईंट।

💫 ग्राम प्रधान विकास कुमार , सचिव व टीए की मिलीभगत से घटिया सामग्री का इंटरलॉकिंग कार्य में हो रहा प्रयोग।

बहादुरपुर – बस्ती।। विकासखंड बहादुरपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत सैफाबाद में मानक को दर किनार करके इंटरलॉकिंग कार्य शुरू किया गया है । इंटरलॉकिंग कार्य में घटिया सामग्री का प्रयोग धड़ल्ले से ग्राम प्रधान द्वारा किया जा रहा है । इंटरलॉकिंग कार्य हेतु दोनों किनारों पर बनाए गए बॉक्सिंग कार्य में पीले ईंटों का प्रयोग किया जा रहा है यदि ईंट के गुणवत्ता की बात करे तो ईंट सरकारी मानक के खिलाफ है । इंटरलॉकिंग कर में प्रयुक्त ईंट को यदि ऊपर से एक बार नीचे गिरा दिया जाए तो इतने खंड हो जाएंगे की उन खण्डों को गिनना मुश्किल हो जाएगा । बॉक्सिंग / दोनों तरफ पटरी कार्य बिना मोरंग के कराया जा रहा है । बॉक्सिंग में मोरंग का प्रयोग न होने से बॉक्सिंग मजबूत नहीं होगा अर्थात् बॉक्सिंग कमजोर होने के कारण जल्द ही बॉक्सिंग टूट जाएगा । इंटरलॉकिंग कार्य में पहले ईंट या गिट्टी का रोड़ा तोड़ा जाता है और रोड़ा तोड़कर / बिछाकर इंटरलॉकिंग ईंट बिछाया जाता है लेकिन सैफाबाद में ग्राम प्रधान विकास कुमार , सचिव व तकनीकी सहायक ( जे ई ) के मिली भगत से सरकारी शासनादेश को ताक पर रखकर कमीशनखोरी करके इंटरलॉकिंग कार्य के नाम पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है जो खंड विकास अधिकारी बहादुरपुर घीषम प्रसाद के लिए चुनौती बना हुआ है और जिले में तरह तरह की चर्चाएं चल रही हैं ।

      सैफाबाद में चल रहे मानक विहीन इंटरलॉकिंग कार्य का वीडिओ सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है । अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा भ्रष्टाचार की भेंट चल रही नवनिर्मित इंटरलॉकिंग कार्य में क्या कार्रवाई की जाती है ? उक्त प्रकरण में खण्ड विकास अधिकारी बहादुरपुर घीषम प्रसाद से फोन के माध्यम से जानकारी लेना चाहा तो खंड विकास अधिकारी का फोन नेटवर्क क्षेत्र से बाहर निकाला ।

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