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सुकरौली PHC भवन असुरक्षित घोषित, आपात इलाज खुली हवा में, शिफ्टिंग अटकी

PHC सुकरौली में खुले में हो रहा उपचार

सुकरौली PHC भवन असुरक्षित घोषित, आपात इलाज खुली हवा में; शिफ्टिंग अटकी

सुकरौली कुशीनगर नगर पंचायत सुकरौली स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) की स्थिति अब बेहद चिंताजनक हो चुकी है। लंबे समय से जर्जर भवन में संचालित हो रहा यह अस्पताल अब इतनी खराब हालत में पहुंच गया है कि लोक निर्माण विभाग (PWD) ने इसे पूरी तरह से असुरक्षित घोषित कर दिया है। विभाग ने भवन पर नोटिस चस्पा कर प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिसके बाद अस्पताल के भीतर इलाज बंद कर दिया गया है। नतीजतन मरीजों का उपचार खुले में, बरामदे में रखी बेंचों पर किया जा रहा है। सोमवार सुबह इसका एक गंभीर उदाहरण सामने आया। नेशनल हाईवे 28 के बड़े पुल के नीचे एक बाइक सवार को ऑटो ने टक्कर मार दी। स्थानीय लोगों ने तुरंत युवक को सुकरौली PHC पहुंचाया, लेकिन अस्पताल की जर्जर हालत के चलते डॉक्टर उसे भीतर नहीं ले जा सके।

मजबूरन प्राथमिक उपचार खुले में, बरामदे में मौजूद बेंच पर ही करना पड़ा। युवक की स्थिति गंभीर देखते हुए उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। बताया जाता है कि सुकरौली PHC का भवन लंबे समय से खराब हालत में था। कई बार मरम्मत और नए भवन की मांग उठी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अस्पताल को नए स्थान पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू भी हुई, किंतु स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि यदि अस्पताल को दूसरे स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया, तो NH-28 पर अक्सर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता नहीं मिल पाएगी। लोगों के विरोध के बाद निर्णय हुआ कि आपातकालीन सेवाओं को खंड विकास कार्यालय की खाली पड़ी बिल्डिंग में अस्थायी रूप से संचालित किया जाएगा। खंड विकास अधिकारी (BDO) उषा पाल ने भवन उपलब्ध भी करा दिया है, लेकिन अब तक शिफ्टिंग का काम शुरू नहीं हो सका है। इस देरी के चलते मरीजों को असुरक्षित परिस्थितियों में इलाज कराना पड़ रहा है, जो किसी दुर्घटना से कम नहीं। इस संबंध में कुशीनगर के CMO डॉ. अनूप भास्कर ने बताया कि “जर्जर भवन को लेकर हाटा विधायक मोहन वर्मा, हाटा तहसीलदार और नगर अध्यक्ष सुकरौली से बातचीत की गई है। अस्थायी रूप से रूम दिलाने की प्रक्रिया जारी है।” वहीं नगर अध्यक्ष राजनेति कश्यप ने कहा, “सीएचसी प्रभारी से बात हुई है। चाबी मिल गई है और जल्द ही इमरजेंसी सेवाओं को खंड विकास कार्यालय के भवन में शिफ्ट कर दिया जाएगा।” उन्होंने यह भी बताया कि जच्चा-बच्चा केंद्र की मरम्मत का टेंडर हो चुका है और कार्य जल्द शुरू होगा।

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