
विकास योजनाओं में गति और जवाबदेही अनिवार्य
दरभंगा, 04 दिसंबर 2025।
समाहरणालय परिसर स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर सभागार में जिलाधिकारी श्री कौशल कुमार की अध्यक्षता में आयोजित विभागीय समीक्षात्मक बैठक ने यह स्पष्ट संकेत दिया कि अब विकास कार्यों में ढिलाई और लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में संचालित विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा और कार्यों की गुणवत्ता व समयबद्धता सुनिश्चित करना था।
जिलाधिकारी द्वारा सरकारी मोबाइल फोन ऑन रखने, समय पर कार्यालय में उपस्थित रहने और निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश प्रशासनिक उत्तरदायित्व की गंभीरता को दर्शाते हैं। यह एक महत्वपूर्ण कदम है क्योंकि कई प्रखंडों में कार्य प्रगति अपेक्षा से कम पाई गई थी। भुगतान लंबित योजनाओं को शीघ्र भुगतान करने और नई योजनाओं के चयन में आमजन के लाभ को प्राथमिकता देने का निर्देश प्रशासन के संवेदनशील दृष्टिकोण को दर्शाता है।
आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण हेतु सरकारी जमीन की पहचान, जर्जर भवनों की सूची, निर्माणाधीन पंचायत सरकार भवनों का भौतिक निरीक्षण, सोलर लाइट की कार्य स्थिति की जांच और राजस्व मामलों में तेजी—ये सभी निर्देश ग्रामीण ढांचा और पारदर्शिता सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।
विशेषकर, अगले चार महीनों में मौजा-वार कैंप लगाकर जमाबंदी परिमार्जन और लंबित आवेदनों के निष्पादन पर जोर देना यह दर्शाता है कि जिले में प्रशासनिक सुधार और जनसुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
जिलाधिकारी का यह स्पष्ट संदेश— “लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अधिकारी फील्ड विजिट बढ़ाएँ”—यह बताता है कि अब परिणाम-आधारित कार्यशैली ही मानक होगी। विकास तथा जनहित के प्रति ऐसी सक्रियता ही वास्तविक प्रशासनिक सुशासन का आधार है। दरभंगा जिले के लिए यह बैठक निश्चित रूप से नई ऊर्जा और बेहतर दिशा तय करने वाली साबित होगी।







