
सारंगी/अमित पाटीदार
झाबुआ जिले के सारंगी क्षेत्र में ग्लेशियर कॉन्वेंट स्कूल के शिक्षक अजय पाटीदार की मौत ने पूरे नगर को झकझोर कर रख दिया है। मंगलवार (आज) सुबह माही नदी में अजय का शव मिला है। शिक्षक ने मरने से पहले व्हाट्सएप स्टेटस पर अपनी मौत के लिए स्कूल प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया था।

घटनाक्रम की पूरी कहानी:
आरोप और स्कूल का रुख: स्कूल प्रबंधन के अनुसार, शिक्षक अजय पाटीदार पर स्कूल की छात्राओं को गलत तरीके से छूने (Bad Touch) के गंभीर आरोप लगे थे। इस शिकायत के बाद स्कूल प्रबंधन शिक्षक के घर भी गया था।
हिसाब और CCTV फुटेज:
प्रबंधन का दावा है कि अगले दिन अजय स्कूल आया और अपना पूरा हिसाब-किताब चुकता किया। स्कूल के सीसीटीवी कैमरों में यह रिकॉर्ड हुआ है कि अजय ने स्कूल से मिली अपनी वेतन या हिसाब की राशि को स्कूल परिसर के अंदर ही फाड़ दिया और वहां से चला गया।
व्हाट्सएप स्टेटस बना सुसाइड नोट:
गायब होने से पहले अजय ने व्हाट्सएप स्टेटस डाला— “मेरी मौत का कारण सारंगी ग्लेशियर कॉन्वेंट स्कूल है।” इसके बाद उनका मोबाइल माही नदी के किनारे मिला।

प्रशासनिक रेस्क्यू: कल से ही स्थानीय प्रशासन और गोताखोरों की टीम नदी में सर्चिंग कर रही थी। आज सुबह अंततः अजय का पार्थिव शरीर बरामद कर लिया गया।
पुलिस की उलझन:
इस मामले में पुलिस के पास अब दो विपरीत पहलू हैं। एक तरफ स्कूल प्रबंधन का आवेदन है जिसमें छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की बात कही गई है। दूसरी तरफ मृतक के परिवार का आवेदन है, जो स्कूल प्रबंधन पर शिक्षक को झूठा फंसाने का आरोप लगा रहे हैं।
जांच के मुख्य बिंदु:
क्या शिक्षक पर लगाए गए आरोप सही थे या उन्हें किसी रंजिश के तहत फंसाया गया?
अजय ने स्कूल परिसर में पैसे क्यों फाड़े? वह किस मानसिक दबाव में थे?
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मोबाइल डेटा व सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच की जा रही है।







