A2Z सभी खबर सभी जिले कीअन्य खबरेपंजाब

भीख मांग रहे दो नाबालिग बच्चों का प्रोजेक्ट जीवनजोत 2.0 के तहत सुरक्षित रेस्क्यू

मालेरकोटला, 9 जनवरी (विजय कुमार)

डिप्टी कमिश्नर विराज एस. तिड़के के निर्देशों और जिला बाल संरक्षण अधिकारी हरप्रीत कौर संधू के मार्गदर्शन में प्रोजेक्ट जीवनजोत 2.0 के तहत जिला बाल संरक्षण विभाग द्वारा बच्चों को भीख मांगने और हर प्रकार के शोषण से बचाने के लिए लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत जिला प्रशासन, चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा बाबा हैदर शेख की दरगाह के आसपास के क्षेत्र में चेकिंग की गई।

बाल संरक्षण अधिकारी मूबीन कुरैशी ने जानकारी देते हुए बताया कि चेकिंग के दौरान दरगाह के पास दो नाबालिग बच्चे भीख मांगते हुए पाए गए, जिन्हें तुरंत कार्रवाई करते हुए सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। रेस्क्यू के बाद दोनों बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश कर उनकी काउंसलिंग की गई तथा उनके पारिवारिक पृष्ठभूमि की जानकारी प्राप्त की गई। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बच्चों को उनके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया और उन्हें बच्चों की पढ़ाई दोबारा शुरू करवाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही माता-पिता को सख्त शब्दों में चेतावनी दी गई कि नाबालिग बच्चों से भीख मंगवाना कानूनी अपराध है और भविष्य में ऐसा दोबारा करने पर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बाल संरक्षण अधिकारी ने बताया कि प्रोजेक्ट जीवनजोत 2.0 का मुख्य उद्देश्य बच्चों को सड़कों से हटाकर उन्हें शिक्षा, सुरक्षा और बेहतर भविष्य से जोड़ना है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि यदि कहीं भी नाबालिग बच्चे भीख मांगते या मजदूरी करते दिखाई दें तो तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर सूचना दें, ताकि हर बच्चे को उसका अधिकार और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।

इस मौके पर पुलिस विभाग से अमनदीप कौर, शिक्षा विभाग से कुलवीर सिंह, सोशल वर्कर गुरजंट सिंह, केस वर्कर गुरतेज सिंह, डेटा एनालिस्ट जसप्रीत कौर, मीडिया सहायक परगट सिंह और सरबजीत कौर उपस्थित रहे।

Back to top button
error: Content is protected !!