

दिनांक 20 जनवरी 2026 को श्रम संसाधन विभाग कैमूर के अंतर्गत श्रम अधीक्षक कैमूर द्वारा गठित बाल श्रम विमुक्ति हेतु धावादल का संचालन रामपुर प्रखण्ड में किया गया। जिसमे विभिन्न ईट भट्ठों का निरीक्षण करते समय कर्मचट थाना क्षेत्र स्थित SNB ईट भट्टे से एक बाल श्रमिक को विमुक्त कराया गया। विमुक्त बाल श्रमिक उत्तर प्रदेश के जगम्मनपुर ग्राम, जालौन जिले का रहने वाला है। बाल श्रमिक को विमुक्ति के उपरांत जिला बाल कल्याण समिति कैमूर के सुपुर्द करते हुए दोषी नियोजक पर बाल एवं किशोर श्रम प्रतिषेध एवं विनियमन अधिनियम 1986 की सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करने की कार्यवाही की गई है। विदित हो कि विमुक्त बाल श्रमिक को तत्काल सहायता राशि के रूप में ₹3000 भी दिए जाते है। साथ ही माननीय उच्चतम न्यायालय के एम सी मेहता बनाम तमिलनाडु राज्य मामले में दिए गए आदेश के आलोक में दोषी नियोजक से प्रति विमुक्त बाल श्रमिक ₹20000 वसूली की भी कार्रवाई की जाएगी तथा न्यूनतम मजदूरी अधिनियम 1948 के अंतर्गत भी कार्यवाही की जाएगी। विदित हो कि बाल एवं किशोर श्रम प्रतिषेध एवं विनियमन अधिनियम 1986 के अंतर्गत 14 वर्ष से काम के आयु के बच्चों से कार्य करवाना तथा 14 से 18 वर्ष के बीच के बच्चों से खतरनाक नियोजनों में कार्य करवाना एक संज्ञेय अपराध है जिसमें दोषी पाए जाने पर रु 20000 से ₹50000 तक के जुर्माने के प्रावधान (माननीय उच्चतम न्यायालय के एम सी मेहता बनाम तमिलनाडु राज्य मामले में दिए गए आदेश के आलोक में दोषी नियोजक से प्रति विमुक्त बाल श्रमिक ₹20000 वसूली के अतिरिक्त) के साथ-साथ 6 महीने से 2 साल तक के कारावास का भी प्रावधान है। श्रम अधीक्षक के द्वारा बताया गया कि ये धावादल नियमित रूप से जिला में चलाया जाता है और ईट भट्टे पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है जो कि आगे भी सतत जारी रहेगा। धावादल का नेतृत्व सुश्री सोनाली चंद्रा श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी रामपुर कर रही थी जबकि धावादल में शामिल अन्य पदाधिकारियों में श्री ऋतिक रंजन श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी चैनपुर, में श्री दिनेश कुमार केशरी श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी भभुआ सदर, श्री रामराज सोनी श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी चांद, श्री धीरज कुमार दूबे श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी अधौरा, चाइल्ड लाइन पर्यवेक्षक श्री विनोद कुमार यादव, तथा पुलिस बल भी मौजूद रहे।
( कैमुर से अफसार आलम की रीपोर्ट)








