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सड़कों पर उतरे कलेक्टर-एसपी, यातायात व्यवस्था सुधारने ब्लैक स्पॉट्स खत्म करने बनाया प्लान

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FB IMG 1769087124820सागर/वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्टर सुशील द्विवेदी 8225072664 * शहर की यातायात व्यवस्था को सुरक्षित और सुगम बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर संदीप जीआर और पुलिस अधीक्षक विकास कुमार सहवाल ने संयुक्त रूप से शहर के विभिन्न संवेदनशील चौराहों और ‘ब्लैक स्पॉट्स’ का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए मौके पर मौजूद संबंधित विभागों के अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के कड़े निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी मनोज तेहगुनिया, सेव लाइफ फाउंडेशन से गौतम सिंह, साहिल, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट विभाग के अधिकारी मौजूद थे।
निरीक्षण की शुरुआत शहर के प्रमुख मार्गों और चौराहों से हुई। उन्होंने कबूला पुल, गढ़पहरा चौराहा,गढ़पहरा रोड से रानीपुरा ओवर ब्रिज तक का निरीक्षण किया। कलेक्टर श्री संदीप जीआर ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण , लोक निर्माण विभाग (PWD) और मध्य प्रदेश सड़क डेवलपमेंट विभाग के इंजीनियरों को निर्देश दिए कि सड़कों की बनावट में मौजूद तकनीकी खामियों को तुरंत दुरुस्त किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़कों के मोड़ पर ‘विजिबिलिटी’ (दृश्यता) बढ़ाने के लिए रिफ्लेक्टर, रेडियम बोर्ड और उचित संकेतक लगाए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि रानीपुर में बन रहे बाईपास के ओवर ब्रिज को गढ़पेहरा तिराहे से आगे और जोड़ने के लिए डीपीआर तैयार करें। उन्होंने निर्देश दिये कि तत्काल इस मार्ग पर संकेतक लगाएं और ओवर ब्रिज के 200 मीटर दूर से संकेतक के माध्यम से जानकारी दें और स्पीड ब्रेकर भी बनाएं।
पुलिस अधीक्षक विकास शाहवाल ने यातायात प्रबंधन का जायजा लेते हुए कहा कि सड़कों पर यातायात के दबाव को कम करने के लिए अवैध पार्किंग और अतिक्रमण को हटाया जाना अनिवार्य है। उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि चौराहों पर बेतरतीब खड़े होने वाले वाहनों को हटाया जाए। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात भी एसपी ने कही।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने उन विशिष्ट स्थानों (ब्लैक स्पॉट्स) का सूक्ष्मता से विश्लेषण किया जहाँ बार-बार हादसे होते हैं। इन स्थानों पर गति अवरोधक (Speed Breakers): मानक के अनुसार रंबल स्ट्रिप्स और स्पीड ब्रेकर्स का निर्माण, प्रकाश व्यवस्था, हाई-मास्ट लाइटों की स्थापना करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्मार्ट सिटी के तहत लगे सीसीटीवी कैमरों का उपयोग केवल अपराध नियंत्रण ही नहीं, बल्कि ट्रैफिक मॉनिटरिंग के लिए भी प्रभावी ढंग से करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो वाहन चालक यातायात नियमों जैसे रेड लाइट जंप करना या गलत दिशा में वाहन चलाना करते पाए जाते हैं, उनके खिलाफ सीधे ई-चालान की प्रक्रिया तेज की जाए। उन्होंने कहा कि नागरिकों का जीवन अनमोल है और सुरक्षित सफर उनकी प्राथमिकता है। प्रशासन और पुलिस का यह संयुक्त अभियान लगातार जारी रहेगा ताकि सागर को ‘एक्सीडेंट फ्री’ जिला बनाया जा सके।

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