
स्मार्ट मीटर लगाने के नाम पर अवैध वसूली पचपेड़ी क्षेत्र के भिलौनी
पचपेड़ी क्षेत्र में इन दिनों स्मार्ट मीटर लगाने का काम लगातार चल रहा है और यह पूरी तरह निशुल्क लगानी है इसी बीच स्मार्ट मीटर लगाने वाले ठेकाकर्मी द्वारा ग्रामीणों से मनमानी देखने को मिल रही है जहां पर भोले भाले ग्रामीणों को बरगलाकर बिजली बिल शून्य करने के नाम अवैध वसूली करने का मामला सामने आया है जो की पचपेड़ी तहसील अंतर्गत ग्राम भिलौनी का है जहां पर स्मार्ट मीटर लगाने के लिए ग्रामीणों से मनमानी अवैध वसूली किया जा रहा है यह प्रत्येक मीटर लगाने पर 500 रुपया से 1000 रुपया तक लिया जा रहा है, इस गांव में लगभग 700 राशन कार्ड है और प्रत्येक राशन कार्ड पीछे एक मीटर लगाना है, तो अगर एक अनुमान लगाया जाए की एक राशन कार्ड पीछे एक मीटर लगाना है तो 500 रुपया अगर एक मीटर पर लिया जाए तो सिर्फ एक गांव का 3,50,000 रुपया ( तीन लाख पच्चास हजार रुपया ) होता है तो सोचो पूरे पचपेड़ी तहसील क्षेत में 42 गांव है तो एक बार गौर करो की इस क्षेत्र मे सिर्फ मीटर लगाने कितना अवैध वसूली। जो ग्रामीणों के हक को मारा जा रहा है, साथ ही भिलौनी सरपंच प्रतिनिधी सरोज नेताम ने बताया की ग्रामीणों द्वारा हमे कई बार शिकायत मिला है की स्मार्ट मीटर लगाने के लिए मनमर्जी से 500 रुपया से 1000 रुपया तक मांगा जा रहा है जिसपर सरपंच प्रतिनिधी ने नाराजगी जताते हुए कहा की मीटर ठेकाकर्मी पर उचित कार्यवाही होना चाहिए।
जब इस पूरे मामले की जानकारी
जे. ई. गंगासागर ध्रुव से लिया गया तो उन्होंने कहा की यह योजना पूरी तरह निशुल्क है अगर इसमें किसी भी प्रकार से कोई अवैध वसूली करता है तो उस पर उचित कार्यवाही होगी।
आईए एक नजर स्मार्ट मीटर की ओर डालते है
स्मार्ट मीटर का मुख्य उद्देश्य बिजली की खपत की वास्तविक समय (real-time) में सटीक निगरानी करना, प्रीपेड बिलिंग की सुविधा देना, बिजली चोरी को रोकना और मैन्युअल मीटर रीडिंग की आवश्यकता को समाप्त करना है। यह तकनीक उपभोक्ताओं को ऊर्जा उपयोग का प्रबंधन करने में मदद करती है और बिजली कंपनियों को ग्रिड दक्षता में सुधार कर परिचालन लागत कम करने में सहायता प्रदान करती है।
स्मार्ट मीटर के मुख्य उद्देश्य और लाभ:
सटीक और स्वचालित बिलिंग: यह सीधे बिजली प्रदाता को खपत के आंकड़े भेजता है, जिससे गलत रीडिंग और अनुमानित बिलों की समस्या समाप्त हो जाती है।
वास्तविक समय में निगरानी: उपयोगकर्ता अपने घर के डिस्प्ले या ऐप के माध्यम से बिजली की खपत और खर्च को लाइव देख सकते हैं।
बिजली चोरी और परिचालन घाटे में कमी: यह ग्रिड की स्थिति की बेहतर जानकारी देता है और अनधिकृत उपयोग या चोरी का पता लगाकर उसे कम करता है।
प्रीपेड/पोस्टपेड लचीलापन: यह प्रीपेड सुविधा प्रदान करता है, जिससे उपभोक्ता समय पर रिचार्ज कर सकते हैं और बिजली कटने से बच सकते हैं।
पचपेड़ी क्षेत्र में इन दिनों स्मार्ट मीटर लगाने का काम लगातार चल रहा है और यह पूरी तरह निशुल्क लगानी है इसी बीच स्मार्ट मीटर लगाने वाले ठेकाकर्मी द्वारा ग्रामीणों से मनमानी देखने को मिल रही है जहां पर भोले भाले ग्रामीणों को बरगलाकर बिजली बिल शून्य करने के नाम अवैध वसूली करने का मामला सामने आया है जो की पचपेड़ी तहसील अंतर्गत ग्राम भिलौनी का है जहां पर स्मार्ट मीटर लगाने के लिए ग्रामीणों से मनमानी अवैध वसूली किया जा रहा है यह प्रत्येक मीटर लगाने पर 500 रुपया से 1000 रुपया तक लिया जा रहा है, इस गांव में लगभग 700 राशन कार्ड है और प्रत्येक राशन कार्ड पीछे एक मीटर लगाना है, तो अगर एक अनुमान लगाया जाए की एक राशन कार्ड पीछे एक मीटर लगाना है तो 500 रुपया अगर एक मीटर पर लिया जाए तो सिर्फ एक गांव का 3,50,000 रुपया ( तीन लाख पच्चास हजार रुपया ) होता है तो सोचो पूरे पचपेड़ी तहसील क्षेत में 42 गांव है तो एक बार गौर करो की इस क्षेत्र मे सिर्फ मीटर लगाने कितना अवैध वसूली। जो ग्रामीणों के हक को मारा जा रहा है, साथ ही भिलौनी सरपंच प्रतिनिधी सरोज नेताम ने बताया की ग्रामीणों द्वारा हमे कई बार शिकायत मिला है की स्मार्ट मीटर लगाने के लिए मनमर्जी से 500 रुपया से 1000 रुपया तक मांगा जा रहा है जिसपर सरपंच प्रतिनिधी ने नाराजगी जताते हुए कहा की मीटर ठेकाकर्मी पर उचित कार्यवाही होना चाहिए।







