
- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस को लेकर एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा है कि यदि किसी मामले में पीड़ित परिवार को लगता है कि जांच निष्पक्ष नहीं हो रही है, तो वह सीधे सेशंस जज के सामने शिकायत कर सकता है, कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि सेशंस जज को यह अधिकार है, कि वह मामले की परिस्थितियों को देखते हुए जांच की निगरानी करे और आवश्यक होने पर मामले को हाईकोर्ट भेजने की सिफारिश करे।
हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि यदि जांच में जानबूझकर की गई लापरवाही या पक्षपात पाया जाता है, तो संबंधित SP/SSP के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही भी शुरू की जा सकती है।
यहां यह भी कहना है ,पुलिस जांच केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह न्यायिक प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। निष्पक्ष जांच न केवल आरोपी, बल्कि पीड़ित के अधिकारों की भी रक्षा करती है।
यह आदेश उन मामलों में खास महत्व रखता है, जहां पीड़ित परिवार को बार-बार यह महसूस होता है कि जांच को जानबूझकर बाधित किया जा रहा है ।
Rehan Siddiqui








