

🚨 सहारनपुर में अवैध कॉलोनियों और गैरकानूनी प्लॉटिंग के खिलाफ विकास प्राधिकरण ने शुरू किया निर्णायक अभियान, बुलडोजर और सीलिंग की कार्रवाई से अवैध निर्माणकर्ताओं में मचा हड़कंप, कानून तोड़ने वालों के लिए साफ चेतावनी, जनता को सावधानी से प्लॉट या मकान खरीदने की अपील
सहारनपुर: जिले में अवैध निर्माण और गैरकानूनी प्लॉटिंग के खिलाफ सहारनपुर विकास प्राधिकरण (SDA) ने निर्णायक कदम उठाते हुए एक व्यापक अभियान शुरू किया है। उपाध्यक्ष संतोष कुमार राय के निर्देश पर जोन‑03 और जोन‑01 में की गई ताबड़तोड़ ध्वस्तीकरण और सीलिंग कार्रवाई ने अवैध निर्माणकर्ताओं में हड़कंप मचा दिया है और यह संदेश साफ़ कर दिया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जनता रोड पर आशा मार्डन स्कूल के समीप, अजय चानना और मसरूर द्वारा फैक्ट्री निर्माण के लिए लगभग 1200 वर्गमीटर क्षेत्र में बनाए गए टीन शेड को बुलडोजर से पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। वहीं, ड्रीम कॉलेज के सामने, संदीप चौहान द्वारा करीब आठ बीघा भूमि में अवैध कॉलोनी विकसित कर सड़क डिमार्केशन का कार्य कराया जा रहा था, जिसे भी बुलडोजर से नष्ट किया गया। इसके अलावा, जनता हॉस्पिटल के निकट, आज़िम द्वारा आरसीसी कॉलम खड़े कर किए जा रहे व्यवसायिक निर्माण को सील कर दिया गया।
जोन‑01 के अंतर्गत दुधली बुखारा में मुसाहिब द्वारा मुख्य मार्ग पर बनाए गए बड़े टीन शेड हॉल को भी सीलिंग कार्रवाई के तहत बंद किया गया। यह अभियान सहायक अभियंता अम्बरीश कुमार, अवर अभियंता धर्मवीर सिंह बंसल, और टीम के सदस्य शोएब आलम की मौजूदगी में संपन्न हुआ। विकास प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल चेतावनी नहीं है, बल्कि कानून का सख्त संदेश है कि नियमों को ताक पर रखकर अवैध निर्माण करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि अभियान की गति और तीव्रता बढ़ा दी गई है, ताकि जिले में किसी भी व्यक्ति या कॉलोनाइजर को यह विश्वास न रहे कि अवैध निर्माण और प्लॉटिंग की अनुमति मिल सकती है। जनता को भी सावधानी बरतने की अपील की गई है कि प्लॉट या मकान खरीदने से पहले इसकी वैधता सुनिश्चित करें, क्योंकि अवैध निर्माण की स्थिति में भविष्य में कानूनी और वित्तीय जोखिम बढ़ सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध कॉलोनियां न केवल संस्था या ट्रस्ट की संपत्ति के अधिकारों का उल्लंघन करती हैं, बल्कि यह सार्वजनिक भूमि, सड़क और पार्क जैसी सुविधाओं पर दबाव डालती हैं। इसलिए विकास प्राधिकरण ने यह कदम जिले में स्थायी और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए उठाया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रत्येक अवैध निर्माण की तुरंत पहचान और कार्रवाई के लिए रीयल‑टाइम ड्रोन सर्वे और GIS मॉनिटरिंग का उपयोग किया जाएगा।
जनता और खरीदारों के लिए यह संदेश भी महत्वपूर्ण है कि किसी भी भूमि पर प्लॉटिंग या निर्माण खरीदने से पहले प्राधिकरण और राजस्व रिकॉर्ड का सत्यापन अवश्य कर लें। अवैध निर्माण में शामिल होने या खरीदने वाले व्यक्तियों के लिए भविष्य में कानूनी जटिलताएं पैदा हो सकती हैं।
सहारनपुर विकास प्राधिकरण का यह अभियान एक सुप्रीम संदेश है कि प्रशासन कानून के साथ खड़ा है और किसी को भी नियम तोड़ने की छूट नहीं है। जिले में अवैध निर्माण और प्लॉटिंग पर यह अभियान आगे भी जारी रहेगा, और प्राधिकरण लगातार जनता को अवगत कराता रहेगा कि अवैध निर्माण से जुड़े किसी भी कार्य में संलिप्तता भविष्य में गंभीर कानूनी कार्रवाई की ओर ले जाएगी।
✍️ रिपोर्ट: एलिक सिंह
संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
ब्यूरो चीफ – दैनिक आशंका बुलेटिन, सहारनपुर
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