
भीरा लखीमपुर खीरी
जिला संवाददाता प्रमोद कुमार गुप्ता की रिपोर्ट।
दिनांक 6 फरवरी को थाना भीरा क्षेत्र अंतर्गत रहने वाले सुमित गुप्ता जो कि मंसूर खान की बजाज एजेंसी पर काम करते थे उन्होंने एक वीडियो वायरल कर समाज के कुछ लोगों का नाम लेकर प्रताड़ना का आरोप लगाया था और बताया था कि मैं इस प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर जहर खाकर आत्महत्या कर रहा हूं उसके कुछ देर बाद खबर आती है कि पुलिस ने नंबर सर्विलांस पर लगाकर उन्हें मैलानी जंगल से बरामद किया उसके बाद उन्हें सीएचसी बांकेगंज लाया गया जहां पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने इस घटना की तहरीर मैलानी थाना में दी थी पुलिस ने जिसमें कार्यवाही करते हुए 8 नामजदों में से ललतू यादव को गिरफ्तार किया गया था जिसमें नामजद भीरा चेयरमैन सहित 2 लोगों को कोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत मिल चुकी है सूत्रों के अनुसार बाकी नामजद अभी तक पुलिस को नहीं मिले है जिन्हें पुलिस द्वारा ढूंढा जा रहा है वैश्य समाज के प्रमोद गुप्ता ने कल मृतक सुमित के परिवार से मिले जहां पीड़िता ने पुलिस की कार्यवाही पर सवालिया निशान लगाए उन्होंने कहा इस घटना को घटित हुए एक सप्ताह बीत चुका है पुलिस अभी तक प्रथम सूचना रिपोर्ट में नामजद बाकी अभियुक्तों को क्यों नहीं ढूंढ पाई है वह कल न्यायालय भी गई थी इस घटना से वैश्य समाज में काफी आक्रोश है और वैश्य समाज के सभी संगठनों ने पीड़िता की मदद करने का आश्वासन दिया है अंतर्राष्ट्रीय वैश्य फेडरेशन के प्रदेश महामंत्री अजय गुप्ता, प्रदेश उपाध्यक्ष राम मोहन गुप्ता , अखिल भारतीय श्री हरिद्वारी वैश्य महासभा के अध्यक्ष डॉक्टर अश्वनी गुप्ता, संपूर्ण वैश्य समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुमंत गुप्ता ने कहा कि अगर प्रियंका गुप्ता को न्याय नहीं मिलता है तो वह इस प्रकरण को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से संपर्क करेंगे।






