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बस्ती का ‘बहरूपिया’ जालसाज: कोटेदार ‘भोलू’ कैसे बन गया सफाईकर्मी ‘शेष राम’?

सफाईकर्मी की नौकरी और करोड़ों की काली कमाई, आखिर किसका है वरदहस्त?

अजीत मिश्रा (खोजी)

🚨प्रशासनिक सरंक्षण में फल-फूल रहा ‘बहरूपिया’ जालसाज: पुलिस और डीपीआरओ कार्यालय आखिर मेहरबान क्यों?🚨

⭐लालगंज पुलिस की ‘मेहरबानी’: 307 के मुकदमों के बाद भी गैंगस्टर एक्ट से दूरी क्यों?

⭐कागजों की बाजीगरी: फर्जी दस्तावेजों से हथियाई सरकारी कुर्सी, अब प्रशासन की उड़ी नींद।

⭐योगी राज में ‘सिस्टम’ को चुनौती: एक अपराधी, दो चेहरे और भ्रष्टाचार का खुला खेल!

बस्ती (बनकटी): उत्तर प्रदेश की योगी सरकार जहाँ एक ओर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत अपराधियों के खिलाफ बुलडोजर चला रही है, वहीं बस्ती जिले के लालगंज थाने में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने जिला प्रशासन की पारदर्शिता और सक्रियता की धज्जियां उड़ा दी हैं। मामला एक ऐसे ‘कामचोर’ सफाईकर्मी का है, जिसने पहचान बदलकर न केवल सरकारी नौकरी हथियाई, बल्कि प्रशासन की नाक के नीचे करोड़ों की काली संपत्ति भी खड़ी कर ली।

💫एक अपराधी, कई चेहरे: भोलू प्रसाद बना शेष राम

हैरानी की बात यह है कि लालगंज थाना क्षेत्र के ग्राम कट्या पंडित निवासी भोलू प्रसाद (पुत्र राजाराम) वर्ष 1998 से 2006 तक ग्राम पंचायत मझोरिया का कोटेदार था। जनता के विरोध के कारण कोटेदारी छिनने के बाद, इस शातिर अपराधी ने 2007-08 में कूटरचित (फर्जी) दस्तावेजों के सहारे अपना नाम बदलकर ‘शेष राम’ कर लिया और सफाईकर्मी की सरकारी नौकरी हासिल कर ली।

💫सेटिंग का खेल: हाजिरी दफ्तर में, मौजूदगी घर पर!

कुदरहा ब्लॉक के ग्राम सोनघटा में तैनाती पाकर इस जालसाज ने विभागीय अधिकारियों को अपनी मुट्ठी में कर लिया। सूत्रों के मुताबिक, यह कथित सफाईकर्मी हफ्ते-दो हफ्ते में सिर्फ एक बार चेहरा दिखाने आता है और बाकी समय गायब रहकर अपनी ‘सत्ता’ चलाता है। इतना ही नहीं, 2021 में इसने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर एक अनुसूचित वर्ग की महिला को प्रधान बनवाया और खुद ‘प्रधान प्रतिनिधि’ बनकर विकास योजनाओं के धन का जमकर बंदरबांट किया।

काली कमाई का अंबार: मजदूरी और सफाई के नाम पर नियुक्त यह शख्स आज जिला मुख्यालय पर आलीशान मकान, प्लॉट और लग्जरी कारों का मालिक है। सवाल यह है कि एक मामूली सफाईकर्मी के पास इतनी अकूत संपत्ति कहाँ से आई? क्या आयकर विभाग और विजिलेंस की नजर इस पर कभी पड़ेगी?

💫खौफ का दूसरा नाम: पुलिस की ढुलमुल कार्यप्रणाली

शेष राम उर्फ भोलू प्रसाद का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है, लेकिन पुलिस की मेहरबानी देखिए:

⭐07 फरवरी 2026: विकास कुमार नामक ग्रामीण को दिनदहाड़े पीट-पीटकर अधमरा कर दिया।

⭐20 अगस्त 2021: धारा 307 (हत्या का प्रयास), 452, 506 सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ।

⭐2006: संगठित अपराध के तहत धारा 307 और 147 के तहत मामला दर्ज।

इतने संगीन अपराधों के बावजूद, अब तक इस अपराधी पर गुंडा एक्ट या गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई क्यों नहीं की गई? लालगंज थानाध्यक्ष विनय कुमार पाठक का ‘गोल-मोल’ जवाब यह बताने के लिए काफी है कि दाल में कुछ काला नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली है।

💫क्या प्रशासन अब भी मौन रहेगा?

हालांकि, एक ईमानदार अधिकारी के औचक निरीक्षण के दौरान खामियां मिलने पर इसे निलंबित कर दिया गया है, लेकिन क्या केवल निलंबन ही काफी है? एक ऐसा व्यक्ति जो दो नामों से शासन को ठग रहा है और कानून की धज्जियां उड़ा रहा है, वह अब भी सलाखों के पीछे क्यों नहीं है? जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) और पुलिस कप्तान को जवाब देना होगा कि इस ‘बहरूपिये’ जालसाज को किसका संरक्षण प्राप्त है?IMG 20260319 WA0425

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