
सुरेन्द्र दुबे डिस्टिक हेड धार 9425179527 , 28 फरवरी 2026।* प्रदेश में श्वेत क्रांति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जिले में क्षीर धारा ग्राम योजना को धरातल पर उतारने की तैयारी तेज़ी से की जा रही है। उप संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं, जिला धार डॉ. राकेश सिंह सिसोदिया द्वारा बताया गया कि इसी क्रम में पशुपालन विभाग द्वारा योजना के अंतर्गत दुग्ध उत्पादन को दोगुना करने तथा पशुपालकों की आय में वृद्धि हेतु बेसलाइन सर्वे प्रारंभ कर दिया गया है।
योजना के तहत चयनित ग्रामों में पशुपालकों को उन्नत नस्ल के पशुओं के पालन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही बेहतर पशु चिकित्सा सेवाएं, नियमित टीकाकरण, उच्च गुणवत्ता युक्त पशु आहार उपलब्ध कराना तथा गुणवत्तापूर्ण चारे के उत्पादन हेतु प्रेरित किया जाएगा, ताकि दुग्ध उत्पादकता में स्थायी बढ़ोतरी हो सके।
इस योजना की विशेषता इसका चार विभागों का सहयोगात्मक (Collaborative) मॉडल है, जिसमें वन विभाग, किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा पशुपालन एवं डेयरी विभाग मिलकर कार्य करेंगे। इन विभागों के समन्वित प्रयासों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और पशुपालन एक स्थायी एवं लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित होगा।
प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, पशुपालन एवं डेयरी विभाग श्री उमाकांत उमराव द्वारा दिए गए विस्तृत निर्देशों के अनुक्रम में जिला धार में प्रथम चरण हेतु चयनित 192 ग्रामों में आधारभूत सर्वे का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। यह सर्वे न केवल प्रथम चरण, बल्कि आगामी चरणों में किए जाने वाले कार्यों का भी आधार बनेगा।
योजना की सतत मॉनिटरिंग उप संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं, जिला धार डॉ. राकेश सिंह सिसोदिया द्वारा की जा रही है। इसी कड़ी में उन्होंने आज विकासखंड उमरबन, निसरपुर एवं डही का सघन भ्रमण कर विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को योजना के प्रभावी एवं सफल क्रियान्वयन हेतु आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही बेसलाइन सर्वे के कार्य का सत्यापन भी किया गया
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