
अजीत मिश्रा (खोजी)
बस्ती: सेवा के नाम पर ‘गुंडागर्दी’! SS मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के डॉक्टर की दबंगई, रेफर मांगने पर परिवार को दी ‘बर्बादी’ की धमकी
ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल, उत्तर प्रदेश
- SS हॉस्पिटल बना ‘खौफ का अड्डा’: डॉक्टर की दबंगई से सहमा ग्राम प्रधान का परिवार।
- इलाज या दादागिरी? डॉ. सुनील तिवारी ने पार की मर्यादा की सारी हदें, बोले- ‘जो करना है कर लो, मेरा कुछ नहीं बिगड़ेगा’।
- बस्ती स्वास्थ्य विभाग शर्मसार: मरीज की जान आफत में और डॉक्टर दिखा रहे अपनी हनक!
- क्या कानून से ऊपर हैं डॉ. सुनील तिवारी? पीड़ित परिवार को झूठे केस में फंसाने की दी खुली चुनौती।
- रक्षक बना भक्षक: कैली रोड के एसएस मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में मरीज के तीमारदारों से अभद्रता।
- डॉक्टर की गुंडई: रेफर मांगा तो दी पीटने की धमकी, बस्ती में आक्रोश।
- खाकी का खौफ नहीं, सफेद कोट की दबंगई! बस्ती के डॉक्टर पर गंभीर आरोप।
बस्ती। जनपद के कैली रोड स्थित एस एस (SS) मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल एक बार फिर कलंकित हुआ है। मानवता को शर्मसार करने वाली इस घटना में, जीवन बचाने का संकल्प लेने वाले एक डॉक्टर ने न केवल अपनी मर्यादा लांघी, बल्कि एक पीड़ित परिवार को सरेआम धमकाकर अपनी ‘दबंगई’ का प्रदर्शन किया। अस्पताल के डॉ. सुनील कुमार तिवारी पर आरोप है कि उन्होंने मरीज को रेफर करने की मांग पर परिजनों के साथ अभद्रता की और उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, कप्तानगंज विकासखंड के ग्राम पंचायत बट्टूपुर के ग्राम प्रधान राम प्रसाद की पत्नी घर में काम करते समय गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। सिर में गहरी चोट और टांके लगने के कारण परिजनों ने उन्हें आनन-फानन में एसएस मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया।
जब मरीज की हालत बिगड़ने लगी, तो चिंतित परिजनों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें अन्यत्र रेफर करने की गुहार लगाई। ड्यूटी पर तैनात नर्स ने डॉक्टर की मौजूदगी न होने का हवाला दिया। लेकिन जैसे ही डॉ. सुनील कुमार तिवारी ओपीडी पहुंचे और उन्हें रेफर की बात पता चली, वह अपना आपा खो बैठे।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई ‘डॉक्टरी दबंगई’
घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह वायरल हो रहा है, जिसमें डॉक्टर साहब का ‘रौद्र रूप’ साफ देखा जा सकता है। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने सेवा भाव को ताक पर रखकर उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया।
“जाओ जो करना है कर लो, हमारा कुछ नहीं होगा!” — इन शब्दों के साथ डॉक्टर ने न केवल अपनी सत्ता की हनक दिखाई, बल्कि परिजनों को पीटने और फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी भी दी। इतना ही नहीं, अपनी दबंगई को ढंकने के लिए डॉक्टर ने खुद परिजनों का वीडियो बनवाया और पूरे परिवार को बर्बाद करने की चेतावनी दे डाली।
दहशत में पीड़ित परिवार, प्रशासन पर उठे सवाल
मामला तूल पकड़ता देख और अपनी गर्दन फंसती देख, डॉक्टर ने आनन-फानन में मरीज को रेफर तो कर दिया, लेकिन पीड़ित परिवार अब गहरे खौफ में है। ग्राम प्रधान राम प्रसाद और उनके परिजनों ने अंदेशा जताया है कि उनके साथ कोई भी अप्रिय घटना घटित हो सकती है।
पीड़ित परिवार का कड़ा रुख:
“यदि हमारे परिवार के साथ कोई भी अनहोनी होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी डॉ. सुनील कुमार तिवारी और एसएस मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल प्रशासन की होगी।”
इस घटना ने बस्ती की स्वास्थ्य सेवाओं और डॉक्टरों के व्यवहार पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं। क्या सफेद कोट पहनकर कोई भी कानून को अपनी जेब में रखने की हिम्मत कर सकता है? अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस ‘दबंग’ डॉक्टर पर क्या कार्रवाई करता है या फिर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।




















