
नरवाना में पीले पंजे ने अपने पंख बढ़ाए,
हाइवे न्यू बस स्टैंड के सामने अतिक्रमण हटाए
—- एनएचएआइ द्वारा दातासिंहवाला से जींद तक हाइवे का निर्माण किया गया है। जहां-जहां शहर से हाइवे गुजरता है, वहां सर्विस लाइन रोड की सुविधा मुहैया करवाई गई है। ताकि वाहन चालकों व आमजन इस सड़क मार्ग का इस्तेमाल कर सके। लेकिन नरवाना में एक तरफ तो हाइवे अथारिटी द्वारा विश्वकर्मा चौक से लघु सचिवालय तक सर्विस लाइन रोड का निर्माण ही नहीं किया गया है। जबकि दूसरी तरफ नया बस स्टैंड से विश्वकर्मा चौक तक रेहड़ी वालों द्वारा नालों पर रेहडिय़ां खड़ी कर दी जाती थी। जिससे उनसे सामान खरीदने वाले लोग सर्विस लाइन रोड पर बाइक खड़ी कर देते थे। जिससे विद्यार्थियों व आमजन को पैदल निकलना भी मुश्किल हो रहा था। विश्वकर्मा चौक से नया बस स्टैंड तक दोनों तरफ दुकानदारों व रेहड़ी वालों द्वारा अतिक्रमण करने की शिकायत एसडीएम के पास पहुंच रही थी। एसडीएम ने शिकायतों को लेकर हाइवे अथारटी के अधिकारियों को तलब किया और अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए। जिसके बाद एसडीएम के आदेश मिलने के बाद एनएचएआइ हरकत में आया और अतिक्रमण हटाने के लिए ड्यूटी मैजिस्ट्रेट जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ नवीन मुंडे को नियुक्त किया। हाइवे अथारिटी कके साइट इंजीनियर अभिषेक शर्मा के नेतृत्व में पुलिस बल को साथ लेकर विश्वकर्मा चौक से अतिक्रमण हटाने की शुरूआत की गई। हालांकि एनएचएआइ द्वारा पहले ही दुकानदारों को सामान अंदर रखने को कह दिया गया था। दुकानदारों द्वारा एनएचएआइ की कार्रवाई को देखते हुए सामान अंदर रखना शुरू कर दिया था। किसी भी दुकानदार द्वारा इस कार्रवाई का विरोध नहीं किया गया। जेसीबी ने दुकानों के आगे बने चबूतरों को पूरी तरह उखाड़ दिया और जहां दुकान के आगे 10 फुट तक कब्जा किया गया था, उसको भी पूरी तरह तोड़ दिया गया। अतिक्रमण हटाने की इस कार्रवाई को देखते हुए कई दुकानदार तो दुकान बंद करके चले गए थे। वहीं दुकानदारों ने कहा कि उनकी दुकानों के आगे रास्ते को तोड़ा जा रहा है, लेकिन यहां पर सर्विस लाइन रोड कब बनेगा और कब तक उनको परेशानी उठानी पड़ेगी।
*आमजन ने कब्जा हटाने की कार्रवाई को सराहा*
एनएचएआइ द्वारा दुकानों के आगे कब्जा हटाने की कार्रवाई की जा रही थी, तो आमजन से कार्रवाई सही या गलत के बारे में पूछा गया। उनके द्वारा यह कहा गया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सही हो रही है। यह अभियान हर सप्ताह चलते रहना चाहिए। दुकानों के आगे 10-10 फुट रास्ते पर कब्जा करने से लोगों को हाइवे पर चलने के लिए मजबूर होना पड़ता है। जिससे हादसा होने की आंशका बनी रहती है। दुकानदार अपनी दुकानों के आगे हाइवे के नालों पर रेहड़ी लगवाने के लिए 5 हजार रूपये महीना लेते हंै। जबकि दुकानदारों का कोई मतलब नहीं होता, रूपये वसूल करने का। उन्होंने कहा कि प्रशासन को चाहिए कि एक तरफ सर्विस लाइन रोड बना दिया गया है, दूसरी तरफ भी बना देना चाहिए। इससे आमजन को काफी सुविधा मिलेगी।












