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साइबर सुरक्षा व सड़क सुरक्षा के लिए उदयपुर रेंज पुलिस की अभिनव पहल ऑनलाइन क्विज में भाग लेंगे आमजन, पुलिस की ओर से मिलेगा प्रमाण पत्र

*जागरूकता ही बचाव है, लाइफ स्टाइल बदले और जागरूक बने-आईजी श्रीवास्तव

साइबर सुरक्षा व सड़क सुरक्षा के लिए उदयपुर रेंज पुलिस की अभिनव पहल
ऑनलाइन क्विज में भाग लेंगे आमजन, पुलिस की ओर से मिलेगा प्रमाण पत्र
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उदयपुर । उदयपुर रेंज पुलिस द्वारा संचालित अभियान ‘‘साइबर शील्ड‘‘ एवं ‘‘जीवन रक्षा अभियान-एक सुरक्षित सफर की ओर‘‘ के तहत साइबर अपराधों की रोकथाम, सड़क सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन विषय पर रेंज स्तरीय कार्यशाला का आयोजन  उदयपुर के पुलिस लाइन सभागार में किया गया। उदयपुर रेंज पुलिस और यूनिसेफ राजस्थान के साझे में आयोजित इस कार्यशाला में मुख्य अतिथि पुलिस महानिरीक्षक उदयपुर रेंज गौरव श्रीवास्तव रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री हर्ष रतनू ने की। आईजी गौरव श्रीवास्तव ने इस अभिनव पहल की जानकारी देते हुए कहा कि जिस प्रकार हमने कोरोना जैसी महामारी में अपनी लाइफ स्टाइल को बदला और जागरूकता का परिचय दिया, उसी प्रकार साइबर अपराध व सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता ही बचाव है और इसके लिए अपनी लाइफ स्टाइल को बदलते हुए नियमों का भलीभंति पालन करना होगा।

वर्तमान समय में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में आमजन को सतर्क और जागरूक रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने ‘‘साइबर शील्ड‘‘ अभियान के माध्यम से डिजिटल सुरक्षा, ऑनलाइन ठगी से बचाव एवं सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी दी। साथ ही ‘‘जीवन रक्षा अभियान‘‘ के अंतर्गत सड़क सुरक्षा नियमों की पालना, हेलमेट व सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, ओवरस्पीडिंग से बचाव तथा यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदारी पर विशेष जोर दिया गया।

उन्होंने इस अभियान को जनमानस का अभियान बताते हुए हर वर्ग को सक्रिस भागीदारी निभाते हुए जागरूकता का परिचय देने का आह्वान किया। इस अभियान के तहत तैयार किये गये ऑनलाइन क्विज फॉरमेट एवं क्विज समाप्ति के बाद संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक के हस्ताक्षर से जारी होने वाले प्रमाण पत्र के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी, पुलिस मित्र, सुरक्षा सखी, यूथ सीएलजी सहित हर व्यक्ति-हर वर्ग को इस अभियान से जोड़ना हमारा मकसद है ताकि आमजन साइबर अपराधों से बचे और सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगे। आईजी ने आमजन से आह्वान किया कि नियमों का पालन पुलिस से बचाव के लिए नहीं बल्कि अपनी स्वयं की सुरक्षा के लिए करना जरूरी है।

उन्होंने कार्यशाला में उपस्थित मीडिया प्रतिनिधियों को इस अभियान की जानकारी साझा करते हुए जनजागरूकता की इस मुहिम से जुड़ने एवं आमजन को प्रेरित करने का आह्वान भी किया। अध्यक्षीय उद्बोधन में एएसपी श्री रतनू ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं समाज में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

उन्होंने सभी प्रतिभागियों से अपील की कि वे स्वयं जागरूक रहें और दूसरों को भी जागरूक करें। उन्होंने इस अभियान से जन-जन को जोड़ते हुए जागरूकता का संदेश देने एवं अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। यूनिसेफ राजस्थान की राज्य स्तरीय बाल संरक्षण सलाहकार श्रीमती सिंधु बिनुजीत ने पीपीटी के माध्यम से इन दोनों अभियान के तहत तैयार किये गये डिजीटल लिंक की विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने इस लिंक में तैयार क्विज एवं प्रतिभागी द्वारा क्विज पूर्ण करने पर प्रतिभागी के प्रोत्साहन हेतु संबंधित जिलों के एसपी महोदय की ओर से जारी होने वाले प्रमाण पत्र के तकनीकी पहलुओं के बारे में बताया। कार्यशाला में पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों एवं मीडिया प्रतिनिधियों ने इस अभियान के तहत तैयार किये गये लिंक को भरते हुए साइबर अपराधों की रोकथाम और सुरक्षित यातायात व्यवस्था के प्रति जागरूकता का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में गीतांजलि इंस्टीट्यूट के डॉ. चिंतल पटेल ने तकनीकी सहयोग दिया। राजसमंद जिले के साइबर सेल प्रतिनिधि खेरोल वसीम ने भी तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी। कार्यक्रम में एएसपी राजसमदं रजत विश्नोई, सलूंबर एएसपी रतन चावला, बांसवाड़ा एएसपी गोविंद सिंह, प्रतापगढ़ एससपी बलवीर सिंह, चितौड़गढ़ पुलिस उपाधीक्षक शिवप्रकाश, उदयपुर से पुलिस उपाधीक्षक विनय चौधरी, कार्यक्रम टीम के दिलीप सालवी आदि उपस्थित रहे।

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