
कोटेश्वर महादेव मंदिर के नीचे वनभूमि में अवैध उत्खनन का आरोप
बगासापाड़ा क्षेत्र की पहाड़ी पर 15 दिनों से चल रहा मिट्टी का अवैध खनन, वन विभाग की भूमिका पर उठे सवाल

सरदारपुर।- धार जिले के सरदारपुर व बदनावर सीमा क्षेत्र में बगासापाड़ा क्षेत्र स्थित कोटेश्वर महादेव मंदिर के नीचे पहाड़ी इलाके में वनभूमि पर अवैध उत्खनन का मामला सामने आया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार पिछले करीब 15 दिनों से वन विभाग की भूमि पर बड़े स्तर पर लाल मिट्टी का खनन किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि निकाली गई मिट्टी का उपयोग ईंट निर्माण कार्य में किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लगभग 2 बीघा वनभूमि की खुदाई कर लाल मिट्टी निकाली गई है। मामले में संबंधित बीट गार्ड एवं प्रभारी की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय मिलीभगत के चलते वनभूमि से लगातार अवैध उत्खनन होता रहा और इससे लाखों रुपए की अवैध कमाई की गई। स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जिस विभाग पर जंगल और वनभूमि की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, यदि वहीं संरक्षण के बजाय संसाधनों के दोहन के आरोप लगने लगें तो यह बेहद गंभीर विषय है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वन क्षेत्र को बड़ा नुकसान पहुंच सकता है। वहीं जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी भी कई सवाल खड़े कर रही है।
मालवा अंचल की एक पुरानी कहावत — “वागर उठी ने वाड खाये” इस पूरे मामले में चरितार्थ होती नजर आ रही है, जहां संरक्षण करने वाले ही संसाधनों के दोहन के आरोपों में घिरते दिखाई दे रहे हैं। इस संबंध में जब सरदारपुर वन विभाग के एसडीओ डॉ. शैलेंद्र सोलंकी से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि, “फोटो और वीडियो भेज दीजिए, मैं मामले को दिखवाकर आवश्यक कार्यवाही करता हूँ।









