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शहीद बबलू सिंह सिनसिनी की सैन्य सम्मान के साथ अन्तिम विदाई

#पैर_छूकर_दी_अंतिम_विदाई : डीग जिले के सिनसिनी गांव के निवासी और भारतीय सेना के शहीद जवान बबलू सिंह (26) का पार्थिव देह उनके पैतृक गांव पहुंचा, जहां पूरे सैन्य से उनका अंतिम संस्कार किया गया। शाहिद जवान बबलू सिंह को उनकी वीरांगना (धर्मपत्नी) द्वारा शहीद पति के पैर छूकर उन्हें अंतिम विदाई दी गई। नासिक में नायक के पद पर तैनात बबलू सिंह की ड्यूटी के दौरान दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी। वीर जवान की अंतिम विदाई में “बबलू चौधरी अमर रहें” और “भारत माता की जय” के नारों से पूरा आसमान गूंज उठा।

 

प्राप्त जानकारी अनुसार गत 5 जुलाई को नासिक में ड्यूटी के दौरान अचानक नायक बबलू सिंह की तबीयत बिगड़ गई थी जिसपर उन्हें तुरंत सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। शहीद का पार्थिव देह के तिरंगे में लिपटकर उनके पैतृक गांव सिनसिनी पहुंचने पर पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। बबलू सिंह के रगों में देशसेवा का जज्बा विरासत में मिला था। उनके पिता बृजेन्द्र सिंह भी भारतीय सेना में हवलदार के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। पिता के पदचिह्नों पर चलते हुए बबलू ने भी मातृभूमि की रक्षा का संकल्प लिया था।

 

प्राप्त जानकारी अनुसार अंतिम संस्कार में जवान के 7IMG 20260709 WA0008 IMG 20260709 WA0009 IMG 20260709 WA0010 वर्षीय बड़े बेटे यश कुमार और उनके छोटे भाई पंकज ने संयुक्त रूप से मुखाग्नि दी। वीर सपूत को अंतिम विदाई देने के लिए सिनसिनी और आसपास के गांवों से हजारों ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने पार्थिव देह पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। ग्रामीणों ने नम आंखों से वीर जवान को याद करते हुए कहा कि राष्ट्रसेवा में उनका यह सर्वोच्च योगदान और कर्तव्यनिष्ठ जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।

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