मदरसा जा रहा छात्र रहस्यमय ढंग से बिहार पहुंचा
तीन दिन बाद सकुशल घर लौटा
सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के महमुदवां ग्रांट गांव का 16 वर्षीय छात्र रहस्यमय परिस्थितियों में बिहार पहुंच गया। तीन दिन बाद होश आने पर उसने सूझबूझ दिखाते हुए छपरा रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़कर गोरखपुर पहुंचकर अपने परिजनों से संपर्क किया। छात्र के सकुशल मिलने से परिवार ने राहत की सांस ली, जबकि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

जानकारी के अनुसार, सहीफुर्रहमान का भांजा रेफाआ (16), पुत्र फुरकान, बचपन से अपने मामा के घर रहकर पढ़ाई करता है। उसका दाखिला डुमरियागंज के बेंवा स्थित जामिया सिराजुल उलूम मदरसा में हाफिज की तालीम के लिए कराया गया है।
बताया गया कि छात्र मदरसा जाने के लिए घर से निकला था। आरोप है कि रास्ते में एक कार चालक ने उससे गंतव्य पूछा और बेंवा छोड़ने का भरोसा देकर कार में बैठा लिया। छात्र का कहना है कि रास्ते में उसे कथित तौर पर नशीला पेय पदार्थ पिला दिया गया, जिसके बाद वह बेहोश हो गया।
उधर, छात्र के मदरसा नहीं पहुंचने पर वहां से मामा को फोन किया गया। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। इसके बाद ढेबरुआ थाने में तहरीर देकर पुलिस को सूचना दी गई।
सोमवार सुबह छात्र ने अपने मामा को फोन कर बताया कि होश आने पर उसने खुद को बिहार के छपरा में पाया। वहां तक वह कैसे पहुंचा, इसकी उसे कोई जानकारी नहीं है। इसके बाद वह छपरा रेलवे स्टेशन पहुंचा और ट्रेन से गोरखपुर लौट आया।
पुलिस का कहना है कि छात्र के बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम की गंभीरता से जांच की जा रही है। मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।








