

सागर।वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्टर सुशील द्विवेदी 8225072664 * संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी, मध्यप्रदेश द्वारा संचालित “श्री गुरु रविदास समरसता संकल्प अभियान” के अंतर्गत काशी (वाराणसी) की पावन जन्मभूमि से पवित्र जल, पावन माटी एवं समरसता संकल्प कलश लेकर निकली दिव्य यात्रा का शनिवार को सागर जिले में प्रवेश होते ही श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक समरसता का अनुपम दृश्य देखने को मिला।नरयावली विधानसभा क्षेत्र के बड़तूमा स्थित संत रविदास स्मारक पर यात्रा का भव्य एवं ऐतिहासिक स्वागत किया गया। इस अवसर पर नरयावली विधायक इंजी. प्रदीप लारिया, समरसता संकल्प अभियान के संयोजक एवं भाजपा प्रदेश महामंत्री सुमेर सिंह सोलंकी, भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम तिवारी सहित भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता, संत समाज, मातृशक्ति एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर समरसता संकल्प कलश का आत्मीय अभिनंदन किया। संत रविदास जी के जयघोष, अखाड़ों, वंदन गीतों और भारत माता के उद्घोष से पूरा वातावरण भक्तिमय एवं राष्ट्रभाव से ओत-प्रोत हो उठा। स्वागत उपरांत कलश यात्रा बड़तूमा, मकरोनिया चौराहा, रजाखेड़ी चौराहा, सदर-अंबेडकर चौराहा, भगवानगंज स्थित संत रविदास मंदिर, सीहोरा एवं राहतगढ़ से होती हुई आगे विदिशा, रायसेन के मार्ग से भोपाल पहुंचेगी।
यात्रा के प्रत्येक पड़ाव पर भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं श्रद्धालु पुष्पवर्षा कर संत रविदास जी के समरसता संदेश का अभिनंदन करेंगे।
यह समरसता संकल्प कलश यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की उस महान परंपरा का जीवंत प्रतीक है, जो समाज के प्रत्येक वर्ग को समान सम्मान, समान अवसर और आत्मीयता के सूत्र में जोड़ने का संदेश देती है। काशी से लाया गया पवित्र जल, पावन माटी और समरसता संकल्प कलश संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज के समता, सामाजिक न्याय, मानवता और राष्ट्र एकात्मता के अमर विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रेरक माध्यम बन रहा है। भारतीय जनता पार्टी द्वारा संचालित यह अभियान संत रविदास जी के विचारों को सामाजिक जीवन में आत्मसात करने का एक व्यापक जनआंदोलन बन चुका है। पार्टी का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को समरसता, सद्भाव और राष्ट्रसेवा के सूत्र में जोड़ते हुए “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की भावना को और अधिक सशक्त करना है। गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व पर निकली यह पावन कलश यात्रा पूरे प्रदेश में सामाजिक एकता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय समरसता का दिव्य संदेश प्रसारित कर रही है।



