
हाथरस जिलाधिकारी अतुल वत्स ने शुक्रवार को राजकीय जिला पुस्तकालय, हाथरस का निरीक्षण कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया से दूरी बनाकर अनुशासन, एकाग्रता और निरंतर मेहनत के साथ लक्ष्य प्राप्ति के लिए प्रेरित किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पुस्तकालय में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया और छात्रों से उनकी आवश्यकताओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यदि पुस्तकों या अन्य अध्ययन संसाधनों की आवश्यकता हो तो उसकी सूची तैयार कर उपलब्ध कराई जाए, ताकि आवश्यक व्यवस्थाएं शीघ्र सुनिश्चित की जा सकें।
पुस्तकालय प्रभारी डॉ. नीरज गोयल ने बताया कि पुस्तकालय में लगभग 8 हजार पुस्तकें उपलब्ध हैं तथा 211 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। पुस्तकालय के संचालन के लिए आउटसोर्सिंग के माध्यम से तीन कर्मचारी तैनात है। जिलाधिकारी ने प्रतियोगी छात्रों की सुविधा को देखते हुए
पुस्तकालय को प्रतिदिन रात्रि 10 बजे तक संचालित करने, कर्मचारियों की शिफ्टवार ड्यूटी लगाने तथा सार्वजनिक अवकाशों पर भी कम से कम एक अध्ययन कक्ष खुला रखने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने पुस्तकालय परिसर की साफ-सफाई, बाउंड्री वॉल की ऊंचाई
- बढ़ाने, पार्किंग निर्माण, खिड़कियों पर जाली लगाने, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, मेज-कुर्सियों की उपलब्धता, रंगाई-पुताई और अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए। साथ ही अनुपयोगी सामग्री को नियमानुसार हटाने के भी निर्देश दिए। निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए सकारात्मक सोच और निरंतर परिश्रम के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने का संदेश दिया। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वि./स.), उप जिलाधिकारी सदर, नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

हाथरस जिलाधिकारी अतुल वत्स ने शुक्रवार को राजकीय जिला पुस्तकालय, हाथरस का निरीक्षण कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया से दूरी बनाकर अनुशासन, एकाग्रता और निरंतर मेहनत के साथ लक्ष्य प्राप्ति के लिए प्रेरित किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पुस्तकालय में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया और छात्रों से उनकी आवश्यकताओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यदि पुस्तकों या अन्य अध्ययन संसाधनों की आवश्यकता हो तो उसकी सूची तैयार कर उपलब्ध कराई जाए, ताकि आवश्यक व्यवस्थाएं शीघ्र सुनिश्चित की जा सकें।


