
संवाददाता अखिलेश विश्वकर्मा गढ़वा सगमा ✅सोनडिहा पंचायत के पुतुर गांव में सड़क की बदहाली से करीब 300 घरों में रहने वाली लगभग दो हजार की आबादी परेशान है। पंचायत की मुखिया अनिता देवी का निवास स्थान भी इसी गांव में है, बावजूद इसके ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की मुख्य सड़क तक पहुंचने वाली महत्वपूर्ण सड़क लंबे समय से जर्जर हालत में है। बारिश के बाद सड़क पर जगह-जगह पानी और करीब दो फीट तक कीचड़ जमा हो गया है, जिससे ग्रामीणों का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है।
गांव के मुख्य निकास पर डीलर मनोज यादव के घर से हनुमान मंदिर होते हुए राजकिशोर यादव के घर तक सड़क की स्थिति बेहद खराब बताई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, इस रास्ते से प्रतिदिन दर्जनों बच्चे स्कूल जाते हैं। कीचड़ और पानी से भरे गड्ढों के बीच बच्चों समेत ग्रामीणों को गिरते-पड़ते मुख्य सड़क तक पहुंचना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में यह रास्ता सड़क कम और कीचड़ भरे रास्ते जैसा अधिक नजर आता है।
ग्रामीण राहुल यादव, विजय यादव दिनेश यादव और रामबचन यादव ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब पंचायत की मुखिया के अपने गांव की सड़क की स्थिति इतनी खराब है तो पंचायत के दूसरे गांवों की स्थिति का अंदाजा सहज लगाया जा सकता है। ग्रामीणों ने सड़क की बदहाली को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्षों से समस्या झेलने के बावजूद इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
राशन वितरण पर भी पड़ रहा असर
सड़क की बदहाली का असर जनवितरण प्रणाली की व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। पीडीएस दुकानदारों का कहना है कि खराब रास्ते के कारण राशन उठाव और दुकान तक खाद्यान्न पहुंचाने में काफी परेशानी होती है। बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भर जाने के कारण राशन लेकर आने वाले वाहन चालक दुकान तक पहुंचने से कतराते हैं।
वहीं, राशन लेने के लिए दुकान तक पहुंचने वाले लाभुकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बारिश के दिनों में सड़क की यही स्थिति बनी रही तो राशन लाने वाला वाहन दुकान तक नहीं पहुंच पाएगा। ऐसी स्थिति में लाभुकों को समय पर राशन मिलने में भी परेशानी उत्पन्न हो सकती है।
कई बार मांग, फिर भी नहीं हुआ समाधान
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार पंचायत की मुखिया अनिता देवी से सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क की स्थिति नहीं सुधारी गई तो मुख्य सड़क को जाम कर विरोध-प्रदर्शन किया जा सकता है। अब देखना यह है कि ग्रामीणों की लगातार उठ रही मांग पर पंचायत और संबंधित प्रशासन कब तक कार्रवाई करता है।



