
समीर वानखेड़े ब्यूरो चीफ:
नया गन्ना पेराई सीजन शुरू होने में अभी 2 महीने बाकी हैं, लेकिन देश में चीनी की संभावित किल्लत का संकट गहराने लगा है। पिछले 3 दिनों में खुदरा बाजार में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं और अब भाव 72 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।
त्योहारी सीजन में दाम बढ़ने से मिठाई, पेड़ा, लड्डू समेत सभी मीठे उत्पादों के दाम बढ़ने तय हैं।
क्यों बढ़े दाम? पूर्व गन्ना आयुक्त ने बताई वजह
महाराष्ट्र के पूर्व शुगर कमिश्नर और IAS अधिकारी *शेखर गायकवाड़* ने एक निजी न्यूज चैनल से बातचीत में कहा कि दाम बढ़ने की मुख्य वजह चीनी मिलों का इथेनॉल उत्पादन की ओर मुड़ना है।
उन्होंने कहा, “ईंधन के बढ़ते दामों को कंट्रोल करने के लिए सरकार ने इथेनॉल उत्पादन को प्राथमिकता दी है। इसलिए चीनी मिलें चीनी का उत्पादन कम करके इथेनॉल बनाने लगी हैं। पिछले कुछ सालों में इसी वजह से चीनी का उत्पादन लगातार घटा है।”
आंकड़ों में समझें संकट
– भारत की सालाना चीनी की जरूरत: 280 लाख मीट्रिक टन
– इस साल अनुमानित उत्पादन था: 320 लाख मीट्रिक टन, लेकिन उत्पादन उम्मीद के मुताबिक नहीं हुआ।
– पिछले साल उत्पादन: 258 लाख टन
– इस साल अब तक उत्पादन: *276 लाख टन* (जरूरत से 4 लाख टन कम)
अक्टूबर से शुरू होने वाले नए गन्ना सीजन में कितना उत्पादन होगा, इसका सरकारी अनुमान अभी आना बाकी है, लेकिन एल नीनो और खराब मौसम के कारण उत्पादन में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद कम है।
10 साल बाद चीनी आयात करेगा भारत
विशेषज्ञों के मुताबिक, केंद्र सरकार के इथेनॉल पॉलिसी के कारण देश में 10 साल बाद पहली बार चीनी आयात करने की नौबत आ गई है, जिससे आने वाले महीनों में कीमतों पर और दबाव पड़ सकता है।










