मानक विहीन व गैर मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान बच्चों के भविष्य के साथ कर रहे हैं खिलवाड़।
जिले में अवैध रूप से फल फूल रहा है शिक्षा का व्यापार, जिम्मेदार बने लापरवाह।
रायबरेली -भारत की राजधानी दिल्ली में बीते माह हुए कोचिंग संस्थान दुर्घटना में तीन प्रतियोगी छात्रों की मौत के बाद भी जिले के अधिकतर कोचिंग संस्थान बिना पंजीकरण व बिना मानक के धड़ल्ले से छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। इसके साथ ही गैर मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान अथवा कम मान्यता प्राप्त छोटी कक्षाओं के साथ ही गैर मान्यता प्राप्त उच्च कक्षाओं का संचालन पूरजोर से चल रहा है। इस संबंध में जिले के उच्च शिक्षा अधिकारी डीआईओएस तथा बीएसए चुप्पी साधे हुए हैं। निरीक्षण के नाम पर खानापूर्ति करते हुए ऐसे संस्थानों के खिलाफ केवल कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया जाता है जो कि कुछ दिनों पश्चात ठंडे बस्ते में डाल दिए जाते हैं। जिले में प्राइवेट स्कूलो का हाल ऐसा है कि स्टेशनरी से लेकर कापी किताब, ड्रेस आदि के मनमाने रेट लगाते हुए स्वयं या तो विद्यालय वितरण करते हैं अथवा उनके मनपसंद बुकडिपो में ऐसी व्यवस्था कर दी जाती है जिससे अभिभावकों की जेब पर अनायास दबाव पड़ने लगता है। रायबरेली से संवाददाता पंकज कुमार










