
संवाददाता अखिलेश विश्वकर्मा गढ़वा/भवनाथपुर: भवनाथपुर थाना क्षेत्र के पंडरिया पंचायत के सरईया गांव में सर्पदंश से डेढ़ वर्षीय मासूम ऋचा कुमारी की मौत के बाद मामला राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। शुक्रवार को भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक भानु प्रताप शाही पीड़ित परिवार से मिलने उनके आवास पहुंचे। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर घटना की पूरी जानकारी ली और गहरी शोक संवेदना व्यक्त की।

परिजनों ने पूर्व विधायक को बताया कि सर्पदंश के बाद बच्ची को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन समय पर समुचित उपचार नहीं मिल सका। उनका आरोप है कि बेहतर इलाज के लिए रेफर किए जाने के बावजूद समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई, जिसके कारण बच्ची को दूसरे अस्पताल ले जाने में देरी हुई और रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

पीड़ित परिवार की बातें सुनने के बाद भानु प्रताप शाही ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यदि समय पर एंबुलेंस और आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होती, तो संभव है कि मासूम की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि यदि जांच में चिकित्सकीय लापरवाही या एंबुलेंस उपलब्ध कराने में किसी भी स्तर पर कोताही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों एवं दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
पूर्व विधायक ने राज्य सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर भी स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सर्पदंश जैसी घटनाओं में त्वरित इलाज, पर्याप्त एंटी-वेनम दवाओं की उपलब्धता और समय पर एंबुलेंस सेवा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
इस दौरान ग्रामीणों ने भी क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने, सर्पदंश जैसी आपात स्थितियों में त्वरित उपचार की व्यवस्था तथा समय पर एंबुलेंस उपलब्ध कराने की मांग उठाई।
भानु प्रताप शाही ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा देते हुए कहा कि वे इस पूरे मामले को संबंधित अधिकारियों के समक्ष मजबूती से उठाएंगे और दोषियों पर कार्रवाई के साथ-साथ स्वास्थ्य व्यवस्था में आवश्यक सुधार की मांग करेंगे।





