
*पीलीभीत हरियाली के कातिलों ने हरे भरे पेड़ों पर चलाया आरा ,*
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा चलाये जा रहे एक पेड़ माँ के नाम योजना को लगाया जा रहा पलीता खुलेआम हो रहा है अवैध कटान आम का हरा भरा बाग काट कर किया नष्ट सामाजिक वानिकी अधिकारी बने मुकदर्शक आज सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पूरनपुर पुलिस ट्रैक्टर ट्राली को लाई थाने में पुरनपुर पुलिस की कार्रवाई से लकड़ कट्टों में मचा हड़कंप
*इसी वजह से आज हम तरस रहे हैं हरियाली*
अंधाधुंध पेड़ कटान की वजह से आज लोग हरियाली को तरस रहे हैं। सड़कों पर दूर-दूर तक पेड़ की छांव नजर नहीं आती। विकास के नाम पर हरे-भरे पेड़ों पर आरी चलाई जा रही है। शहर ही नहीं देहात में भी पेड़ों की संख्या तेजी से घट रही है, लेकिन पौधे लगाने के नाम पर लोग कंजूसी दिखा रहे हैं। हर व्यक्ति को छांव चाहिए, लेकिन किसी को पौधे ने लगाना पड़े। ऐसा कैसे संभव हो सकेगा। पीलीभीत से बरेली जाने वाली रोड को ठंडी सड़क कहा जाता है। आज हाइवे चौड़ीकरण के नाम पर पेड़ों को काट दिया गया है, जिससे हाईवे वीरान नजर आता है। इस दिशा में वन विभाग को पौधे रोपित कराने की दिशा में कदम उठाने चाहिए।
हरियाली को बनाए रखने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग से सहयोग लिया जा रहा है। स्कूल-कालेजों में पढ़ने वाले बच्चों को पेड़ों के महत्व को बताकर आगे आने का आह्वान किया जा रहा है। आज मानव जीवन में पेड़ों का बहुत ही महत्व है। पेड़ों के बगैर जीवन की कल्पना करना व्यर्थ है। लोग अपने घरों की छतों पर बगीचा बनाकर पर्यावरण को संरक्षित करने में योगदान दे रहे हैं। शहर और ग्रामीण क्षेत्र में चोरी छिपे पेड़ों का अंधाधुंध कटान हो रहा है, जिसमें सरकारी मशीनरी भी शामिल है। हरे-भरे पेड़ों को सूखा दर्शाकर लोग आरी चला रहे हैं। उसके एवज में कोई दूसरा पौधा नहीं लगा रहे हैं। इसी वजह से गांवों में शुद्ध हवा नहीं मिल पा रहा है। एक समय में बाग में लोग चारपाई डालकर आराम फरमाते नजर आते हैं। गांवों में भी बाग कम ही नजर आते हैं। हाइवे चौड़ीकरण से पेड़ों को काफी नुकसान पहुंचा है।
पीलीभीत की पूरनपुर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम अमरिया का मामला।*


