
बांकेबिहारी मंदिर के प्रबंधक मुनीश कुमार शर्मा ने बताया कि नववर्ष पर 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक श्रद्धालुओं की भीड़ आराध्य बांकेबिहारी के दर्शन के लिए उमड़ेगी। देशभर से आने वाले श्रद्धालु वृंदावन आने से पहले भीड़ के आंकलन करने और पता लगाने के बाद ही आएं।

वह भीड़ का हिस्सा न बनें। मंदिर प्रबंधन ने भीड़ के समय मंदिर में वृद्ध, दिव्यांग, छोट बच्चे, ब्लड प्रेशर, शुगर, हृइय रोगी एवं बीमार श्रद्धालुओं से मंदिर न आने को कहा है। इसके अलावा उन्होंने खाली पेट न आने और आवश्यक दवाएं साथ लाने की सलाह दी है।
प्रबंधक ने अपील की है कि श्रद्धालु अपने परिजनों की जेब में घर का पता एवं मोबाइल नंबर लिखी पर्ची रखें, ताकि भीड़ में बिछुड़ने पर सहायता मिल सके। श्रद्धालु जेबकतरों, चेन स्नेचरों, मोबाइल चोरों से सावधान रहें। भीड़ के समय वह अनावश्यक समस्याओं से बचने के लिए निर्धारित प्रवेश मार्ग दो और तीन नंबर गेट से ही प्रवेश करें। मंदिर से निकलने के लिए निकास द्वार से ही निकलें।
ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर में शनिवार सुबह आराध्य के दर्शन के लिए श्रद्धालु उमड़ पड़े। मंदिर के प्रवेश द्वार से लेकर संकरी गलियों तक भीड़ के दबाव के बीच भक्तजन मंदिर पहुंचे और दर्शन किए। सुबह बांकेबिहारी के पट खुलने से पहले ही मंदिर के प्रवेश द्वार पर दर्शन करने की चाह लिए सैकड़ों भक्तजनों ने डेरा डाल दिया।
बांकेबिहारी मंदिर के निकास द्वार पर शनिवार शाम को एक श्रद्धालु की अचानक तबीयत बिगड़ गई। घटना से मंदिर के द्वार पर अफरातफरी मच गई। मंदिर में तैनात डॉक्टर द्वारा उपचार किए जाने के बाद श्रद्धालु को होश आ सका। प्रतापगढ़ निवासी कमलेश्वरनाथ मौर्य (29) परिवार के साथ ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर दर्शन करने पहुंचे। भीड़ के बीच आराध्य के दर्शन कर जैसे ही वह मंदिर के निकास द्वार एक से निकलने लगे तभी अचानक घबराहट होने लगी और वह बेहोश होकर गिर पड़े।
साथ चल रहे परिजनों ने उन्हें संभाला। मुंह पर पानी के छींटे दिए। इस पर भी होश न आया। वहां तैनात सुरक्षा गार्ड श्रद्धालु को भीड़ से बाहर मंदिर के चबूतरे पर लेकर आए। यहां से परिजन मंदिर में तैनात डॉक्टर धीरेंद्र कुमार के पास ले गए। डॉक्टर ने ब्लड प्रेशर चेक किया और प्राथमिक उपचार किया। इसके बाद उन्हें होश आ गया। बांकेबिहारी मंदिर स्वास्थ्य सेवा प्रभारी विनायक प्रताप सिंह ने बताया कि ब्लड प्रेशर लो हो जाने की वजह से श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ी। प्राथमिक उपचार के बाद श्रद्धालु को होश आ गया और परिजन अपने साथ ले कर आये












