

*विदर्भ में रेत की समस्या का समाधान, रॉयल्टी में कमी*
नागपूर ग्रामीण, सावनेर प्रतिनिधी:सूर्यकांत तळखंडे
नागपुर: विदर्भ क्षेत्र में रेत की बढ़ती किल्लत को देखते हुए, विधायक आशीषराव देशमुख ने विधानसभा में एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि ओपन कास्ट माइनिंग में कोयला निकालने के दौरान भारी मात्रा में ओवरबर्डन (मिट्टी) निकलती है, जिससे रेत बनाई जा सकती है। हालांकि, सरकार द्वारा इस पर लगाई गई उच्च रॉयल्टी के कारण इसका उपयोग नहीं हो पा रहा है।
विधायक देशमुख ने मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले से रॉयल्टी में कमी करने का अनुरोध किया, जिससे राज्य में रेत की उपलब्धता बढ़ सके। मंत्री बावनकुले ने इस मांग को स्वीकार करते हुए रॉयल्टी कम करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, उन्होंने सरकारी और निजी निर्माण कार्यों में इस रेत के उपयोग को मंजूरी दी है।
इस निर्णय से विदर्भ क्षेत्र में रेत की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी और निर्माण कार्यों को गति मिलेगी। विधायक देशमुख ने मंत्री बावनकुले का उनके सकारात्मक रुख के लिए आभार व्यक्त किया है।
अतिरिक्त जानकारी:
* ओपन कास्ट माइनिंग में 200 से 250 मीटर की गहराई तक खुदाई की जाती है।
* ओवरबर्डन को क्रशिंग करके रेत बनाई जा सकती है।
* रॉयल्टी कम होने से रेत की कीमतें घटेंगी और यह आम लोगों के लिए सुलभ होगी।
* इस निर्णय से अवैध रेत खनन पर भी अंकुश लगेगा।








