
गोविंदपुर :- प्रखंड अंतर्गत बाल विकास परियोजना कार्यालय में सेविकाओं ने मोबाइल फोन से जुड़ी समस्याओं को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है.
सेविकाओं ने परियोजना पदाधिकारी के पास सामूहिक रूप से आवेदन देकर वर्षों पुराने खराब मोबाइल फोन को वापस लेने और नए मोबाइल फोन उपलब्ध कराने की मांग की है. सेविकाओं ने आरोप लगाया कि करीब चार वर्ष पूर्व विभाग द्वारा पोषण ट्रैकर एप पर कार्य करने हेतु जो मोबाइल फोन उपलब्ध कराए गए थे, वे अब पूरी तरह से खराब हो चुके हैं. इसके बावजूद कार्यालय की ओर से लगातार मोबाइल से काम करने का दबाव बनाया जा रहा है. कई नवनियुक्त सेविकाओं को तो आज तक मोबाइल फोन उपलब्ध भी नहीं कराया गया है. सेविकाओं ने बताया कि पुराने फोन से काम करना अब तकनीकी रूप से असंभव हो गया है क्योंकि फोन में नेटवर्क, चार्जिंग, हैंग होने जैसी अनेक समस्याएं आ रही हैं. सेविकाओं ने अपने आवेदन में यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने पहले भी कार्यालय को इस समस्या से अवगत कराया था, लेकिन अब तक किसी भी प्रकार का समाधान नहीं किया गया. ऐसे में संघ के निर्णय अनुसार सभी सेविकाएं सामूहिक रूप से या व्यक्तिगत रूप से पुराने मोबाइल फोन कार्यालय को वापस कर रही हैं। साथ ही, उन्होंने कार्यालय से पुराने मोबाइल की प्राप्ति रसीद (रिसीविंग) देने की भी गुहार लगाई है. सेविकाओं ने यह भी मांग की है कि जब तक उन्हें नए मोबाइल फोन उपलब्ध नहीं कराए जाते, तब तक पोषण ट्रैकर समेत अन्य कार्यों की रिपोर्टिंग पुराने पंजी और रजिस्टर के माध्यम से करने की अनुमति दी जाए. शिकायत करने वाली सेविकाओं में सुनैना, रेनू, रेखा, पुष्पा, काली, विमला, ममता, हुलास, बबीता, निशा रानी समेत कई सेविकाएं शामिल थीं. सभी ने एकजुट होकर कहा कि तकनीकी संसाधनों के अभाव में कार्य करना बेहद कठिन हो गया है और बिना उचित संसाधन के उन पर काम का अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है, जो न केवल अनुचित है बल्कि मानसिक रूप से भी प्रताड़ना जैसी स्थिति उत्पन्न कर रहा है. सेविकाओं ने उम्मीद जताई कि जिला और प्रखंड प्रशासन इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेकर जल्द से जल्द समाधान सुनिश्चित करेगा ताकि वे निर्बाध रूप से बच्चों और माताओं के पोषण से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों को सही तरीके से अंजाम दे सकें.


