
🔴 सहारनपुर नगर निगम कार्यालय में हंगामा – व्यापारियों और अपर नगर आयुक्त के बीच तीखी झड़प, कामकाज ठप, आंदोलन की चेतावनी
सहारनपुर। नगर निगम सहारनपुर बुधवार को अचानक राजनीतिक और सामाजिक तनाव का केंद्र बन गया, जब स्थानीय व्यापारियों का एक समूह निगम दफ्तर पहुंचा और उनकी अपर नगर आयुक्त से तीखी बहस हो गई। यह विवाद कुछ ही पलों में हाईवोल्टेज हंगामे में बदल गया, जिससे निगम कार्यालय का कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो गया और परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
सूत्रों के अनुसार, व्यापारी एक प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर खासे नाराज़ थे, जिसमें निगम द्वारा व्यापारिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ की गई कथित “मनमानी” कार्रवाई और लाइसेंसिंग संबंधी नई व्यवस्था प्रमुख मुद्दे थे। व्यापारी नेताओं का आरोप है कि बिना पूर्व सूचना या पारदर्शिता के उनके कारोबारों पर निगम का दबाव बढ़ाया जा रहा है, जो न केवल तानाशाही है बल्कि स्थानीय व्यापार की रीढ़ तोड़ने जैसा है।
🗣 व्यापारियों ने लगाए भ्रष्टाचार और पक्षपात के आरोप
व्यापार मंडल से जुड़े प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि नगर निगम के कुछ अधिकारी दलालों और बिचौलियों के इशारे पर काम कर रहे हैं। “हमारी दूकानों को अवैध बताकर सील करने की धमकी दी जा रही है, जबकि पास में ही कई अवैध निर्माण पर आंखें मूंद ली जाती हैं,”—एक व्यापारी नेता ने गुस्से में कहा।
👨💼 वार्ता के दौरान अपर नगर आयुक्त की टिप्पणी बनी विवाद की जड़
बताया जा रहा है कि संवाद के दौरान अपर नगर आयुक्त की एक कथित टिप्पणी ने आग में घी का काम किया, जिससे व्यापारी भड़क गए। इस पर न सिर्फ़ बहसबाजी हुई, बल्कि कई बार मामला धक्का-मुक्की की स्थिति तक भी पहुंच गया। हालांकि मौजूद कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों ने समय रहते स्थिति को नियंत्रण में ले लिया।
🕒 कामकाज प्रभावित, आम नागरिक भी हुए परेशान
नगर निगम कार्यालय में हुई इस अनहोनी के चलते कई जरूरी विभागों का कार्य बाधित रहा। लोग अपने प्रमाण पत्र, नक्शा पास, जलकर बिल और अन्य जरूरी कामों के लिए लाइन में लगे रहे लेकिन उन्हें मायूसी के साथ लौटना पड़ा। इससे आमजन में भी नाराजगी देखी गई।
🚨 व्यापारियों की चेतावनी – 48 घंटे में कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र प्रदर्शन
व्यापारी नेताओं ने कहा कि वे 48 घंटे का अल्टीमेटम दे रहे हैं। यदि नगर निगम प्रशासन ने पारदर्शी जांच और संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की, तो वह शहर भर के व्यापारियों को लामबंद कर निगम का घेराव करेंगे।
📣 क्या कह रहा है निगम प्रशासन?
प्रशासनिक स्तर पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन अंदरूनी सूत्रों की मानें तो मामले को दबाने की कोशिश हो रही है। वहीं कई कर्मचारी इस पूरे विवाद से असहज महसूस कर रहे हैं।
📌 अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि प्रशासन इस विवाद पर क्या कदम उठाता है—क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी या व्यापारियों की चेतावनी एक बड़े आंदोलन का रूप ले लेगी?
✍️ रिपोर्ट: एलिक सिंह
संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
उत्तर प्रदेश महासचिव – भारतीय पत्रकार अधिकार परिषद
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