
हाटा नगर पालिका में झांगा को शामिल करने की उठी मांग

हाटा कुशीनगर, हाटा नगर पालिका का सीमा विस्तार स्थानीय स्तर पर प्रमुख मुद्दा बन गया है। कुछ गांव नगर पालिका में शामिल होना चाहते हैं। वहीं कुछ खंड विकास कार्यालय के अधीन रहना पसंद करते हैं। नगर पालिका में शामिल होने पर टैक्स और मकान के नक्शे की व्यवस्था लागू होगी। साथ ही विकास कार्य भी तेज होंगे। हाटा नगर पालिका में सड़क, जल निकासी, बिजली और स्ट्रीट लाइट की अच्छी व्यवस्था है। विश्व हिंदू परिषद के नेता अखिलेश दास गुप्ता के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने आवाज उठाई है। उनका कहना है कि पिछली बार भी उनका गांव वंचित रह गया। नगर पालिका की सीमा उनके गांव से मात्र 200 मीटर दूर है। अखिलेश दास ने सवाल किया है कि 13 किलोमीटर दूर के गांव को शामिल किया जा रहा है। लेकिन पास के गांव को नजरअंदाज क्यों किया जा रहा है। गांव के पूर्व प्रधान और ग्रामीणों का कहना है कि वे शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य कामों के लिए हाटा पर निर्भर हैं। झांगा चौराहे पर एकत्र ग्रामीणों ने चेतावनी दी है। अगर इस बार भी उनका गांव सीमा विस्तार में शामिल नहीं हुआ तो वे आंदोलन करेंगे। उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से झांगा गांव को नगर पालिका में शामिल करने की मांग की है। हाटा नगर पालिका का यह सीमा विस्तार अब ग्रामीणों की उम्मीद और नाराजगी दोनों का केंद्र बन चुका है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासन इस पर क्या फैसला लेता है।जबकि वहीं हाटा अधिशासी अधिकारी मीनू सिंह का कहना है कि सीमा विस्तार में गांव को जोड़ने का काम जनप्रतिनिधियों के पहल से होता है। जो शासन से सूची आती है उसी हिसाब से हम लोग गांव जोड़ने का काम करते हैं।






