

सहारनपुर में इंसानियत की मिसाल: लेडी सिंघम बनी फरिश्ता – थाना कुतुबशेर की SI श्वेता शर्मा ने सड़क किनारे बेहोशी की हालत में पड़ी महिला की जान बचाकर दिखाई निस्वार्थ सेवा की अनोखी मिसाल
सहारनपुर। इंसानियत की अद्भुत मिसाल पेश करने वाली यह घटना शनिवार को थाना कुतुबशेर एंटी रोमियो टीम की SI श्वेता शर्मा के साथ सामने आई। शहर की व्यस्त सड़कों पर दिन-दहाड़े जब आम लोग अपने कामों में व्यस्त थे, तब एक महिला सड़क किनारे बेहोशी की हालत में पड़ी हुई थी। किसी भी राहगीर ने उस महिला की मदद के लिए कदम नहीं बढ़ाया, लेकिन SI श्वेता शर्मा की नज़र उस पर पड़ी। श्वेता शर्मा न केवल एक कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी हैं, बल्कि मानवता की भावना से ओतप्रोत हैं। उन्होंने तुरंत महिला की ओर दौड़ लगाई और उसे संभालते हुए अपनी पहली प्राथमिकता यह बनाई कि महिला को होश में लाया जाए।
उन्होंने महिला को पानी पिलाया और धीरे-धीरे उसे होश में लाने में सफलता प्राप्त की। यह काम केवल शारीरिक मदद तक सीमित नहीं रहा। SI श्वेता शर्मा ने देखा कि महिला न तो अपने पैरों पर चल पा रही थी और न ही उसके पास यात्रा करने के लिए पर्याप्त साधन थे। ऐसे में उन्होंने तुरंत अपनी जेब से आर्थिक मदद निकालकर महिला को ऑटो में बिठाया और मेरठ के लिए रवाना किया। इस छोटे से कदम ने न केवल महिला की जान बचाई बल्कि समाज में इंसानियत और निस्वार्थ सेवा का एक जीवंत उदाहरण पेश किया।
सहारनपुर में पुलिस की छवि अक्सर केवल कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण तक सीमित दिखाई देती है, लेकिन इस तरह की घटनाएं यह स्पष्ट करती हैं कि पुलिस का असली चेहरा इंसानियत और सेवा भाव का प्रतीक भी हो सकता है। SI श्वेता शर्मा ने न केवल अपने दायित्व का निर्वाह किया बल्कि यह भी दिखाया कि छोटी-छोटी मदद भी किसी के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है। उनकी यह इंसानियत भरी पहल समाज के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के कृत्य न केवल पुलिस विभाग की छवि को बेहतर बनाते हैं बल्कि आम नागरिकों को भी दूसरों की मदद करने की प्रेरणा देते हैं। महिला की सुरक्षित वापसी और उसकी जान बचने के इस प्रयास ने साबित कर दिया कि इंसानियत के मार्ग पर चलने वाले लोग समाज में फरिश्तों की तरह काम कर सकते हैं।
SI श्वेता शर्मा का यह उदाहरण यह भी दिखाता है कि पुलिस का काम केवल अपराधियों को पकड़ना ही नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की मदद करना और समाज में सुरक्षा और विश्वास का माहौल बनाए रखना भी है। उनके इस कृत्य को देखकर अन्य पुलिसकर्मियों में भी संवेदनशीलता और सक्रियता की भावना बढ़ेगी, जो पूरे शहर के लिए एक सकारात्मक संदेश है।
इस पूरी घटना के दौरान SI श्वेता शर्मा का आत्मविश्वास और साहस साफ झलक रहा था। उन्होंने न केवल महिला को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि महिला को आगे किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। उनके इस कदम को देख कर हर नागरिक को यह एहसास हुआ कि समाज में अच्छाई और इंसानियत अभी भी जीवित है।
सहारनपुर के पुलिस अधिकारियों और नागरिकों ने SI श्वेता शर्मा के इस निस्वार्थ प्रयास की खुले दिल से सराहना की है। यह घटना समाज के लिए एक प्रेरक कहानी बन गई है और यह संदेश देती है कि अगर हर कोई दूसरों की मदद के लिए आगे बढ़े तो दुनिया में इंसानियत की जीत सुनिश्चित है। SI श्वेता शर्मा ने साबित कर दिया कि एक इंसान का छोटा प्रयास किसी के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है और समाज में सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
✍️ रिपोर्ट: एलिक सिंह
संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ एवं समृद्ध भारत समाचार पत्र
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