

🚨 शामली में पुलिस का साहसिक ऑपरेशन: ₹1 लाख के इनामी कुख्यात अपराधी नफीस उर्फ ‘मुद्दा’ मुठभेड़ में ढेर, फरार साथी की तलाश तेज
✍️ रिपोर्टर: एलिक सिंह
संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ / समृद्ध भारत समाचार पत्र
प्रदेश महासचिव – भारतीय पत्रकार अधिकार परिषद, उत्तर प्रदेश
📞 संपर्क: 8217554083
💥 उत्तर प्रदेश पुलिस का दमदार एक्शन, अपराध की रीढ़ टूटी – ‘मुद्दा’ का खेल खत्म!
शामली: उत्तर प्रदेश के शामली जिले में अपराध के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत शनिवार तड़के पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। कांधला थाना क्षेत्र के भभीसा गांव के घने जंगलों में हुई मुठभेड़ में 1 लाख रुपये के इनामी और शातिर अपराधी नफीस उर्फ मुद्दा को पुलिस ने ढेर कर दिया।
यह वही नफीस था, जो लंबे समय से पुलिस की “वांटेड” सूची में शामिल था और जिसकी दहशत पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में फैली हुई थी।
नफीस पर हत्या, लूट, डकैती, जानलेवा हमला, गैंगस्टर एक्ट और नकली करेंसी के कारोबार जैसे 34 से अधिक संगीन अपराधों के मुकदमे दर्ज थे। उसके खात्मे से पुलिस और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है।
🔫 मुठभेड़ की पूरी कहानी – कैसे मारा गया नफीस
पुलिस अधीक्षक एनपी सिंह ने बताया कि शुक्रवार देर रात पुलिस टीम भभीसा चौकी के पास रूटीन चेकिंग कर रही थी।
इसी दौरान दो संदिग्ध व्यक्ति मोटरसाइकिल पर आते दिखे। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, मगर उन्होंने रुकने के बजाय गोलियां बरसा दीं।
जवाबी कार्रवाई में कांधला थाना प्रभारी सतीश कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने मोर्चा संभाला। करीब 15 मिनट तक चली मुठभेड़ में नफीस को दो गोलियां लगीं और वह गिर पड़ा। उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर भाग गया।
पुलिस ने घायल नफीस को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
🛡️ थाना प्रभारी की बहादुरी – बुलेटप्रूफ जैकेट ने बचाई जान
मुठभेड़ के दौरान नफीस की एक गोली सीधे थाना प्रभारी सतीश कुमार की ओर चली, लेकिन किस्मत से वह उनकी बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी।
एसपी एनपी सिंह ने बताया —
“अगर थाना प्रभारी के पास बुलेटप्रूफ जैकेट न होती, तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी। पुलिस टीम ने साहस और संयम दिखाया है।”
इस साहसिक कार्रवाई के लिए पूरी टीम को डीजीपी स्तर पर प्रशंसा मिलने की उम्मीद है।
🧾 पुलिस को मिले बड़े सबूत — हथियार, कारतूस और बाइक बरामद
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने मौके से कई अहम सामान बरामद किए।
- एक .32 बोर की पिस्टल (एक खोखा और पांच जिंदा कारतूस सहित)
- एक .315 बोर का तमंचा (दो खोखा कारतूस सहित)
- एक स्पोर्ट्स बाइक
- और कुछ दस्तावेज़, जिनकी जांच की जा रही है।
एसपी ने बताया कि हथियार अवैध थे और हालिया लूट की घटनाओं में इनका इस्तेमाल हुआ था। एसओजी और फॉरेंसिक टीम ने पूरे इलाके की जांच और साक्ष्य एकत्र किए हैं।
📜 कौन था ‘नफीस उर्फ मुद्दा’? – शामली का सबसे बड़ा अपराधी
नफीस उर्फ मुद्दा, कांधला कस्बे के मोहल्ला खेल का निवासी था।
उसके खिलाफ विभिन्न जिलों में कुल 34 मुकदमे दर्ज थे — जिनमें हत्या, लूट, डकैती, रंगदारी, पुलिस पर हमला और नकली करेंसी की तस्करी प्रमुख हैं।
सूत्रों के अनुसार, नफीस का गिरोह दिल्ली-हरियाणा सीमा तक सक्रिय था। वह भारत-नेपाल बॉर्डर के जरिए नकली करेंसी लाने और पश्चिमी यूपी में फैलाने का नेटवर्क चला रहा था।
पुलिस को पिछले कुछ दिनों से इनपुट मिल रहे थे कि वह किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहा है। इसी सूचना के आधार पर कांधला पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने जंगल में घेराबंदी की, जो आखिरकार सफल रही।
🕵️♂️ फरार साथी की तलाश तेज — एसओजी ने चलाया सर्च ऑपरेशन
नफीस का एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।
एसपी एनपी सिंह ने बताया —
“फरार बदमाश की पहचान कर ली गई है। उसकी गिरफ्तारी के लिए एसओजी की कई टीमें लगातार जंगल और आसपास के इलाकों में कॉम्बिंग कर रही हैं। जल्द ही उसे भी पकड़ा जाएगा।”
पुलिस को शक है कि वह बदमाश भी 1 लाख रुपये के इनाम की सूची में शामिल हो सकता है।
🚔 अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस — एसपी का सख्त संदेश
एसपी एनपी सिंह ने स्पष्ट कहा कि यह कार्रवाई राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है।
“शामली पुलिस अपराधियों के खिलाफ किसी भी हाल में ढिलाई नहीं बरतेगी।
जनता की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
उन्होंने बताया कि नफीस जैसे अपराधियों की वजह से कांधला और आसपास के क्षेत्र में दहशत थी।
उसके मारे जाने से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है।
👥 ग्रामीणों ने पुलिस की कार्रवाई का किया स्वागत
भभीसा गांव और आसपास के ग्रामीणों ने पुलिस की इस कार्रवाई को सराहा है।
एक स्थानीय निवासी ने कहा —
“नफीस जैसे लोग इलाके में आतंक बन चुके थे। रात को कोई बाहर निकलने की हिम्मत नहीं करता था।
पुलिस ने बहुत बड़ा काम किया है। अब गांव में शांति लौटेगी।”
गांव के बुजुर्गों और व्यापारियों ने एसपी को धन्यवाद दिया और पुलिस टीम का स्वागत करने की बात कही है।
⚖️ मजिस्ट्रेट जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रतीक्षा
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
इस मुठभेड़ की मजिस्ट्रेटीय जांच शुरू कर दी गई है।
एसपी कार्यालय ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और बैलिस्टिक जांच आने के बाद ही आधिकारिक फाइनल रिपोर्ट जारी की जाएगी।
🔥 शामली पुलिस का मिशन – “अपराध मुक्त जनपद”
पिछले कुछ महीनों में शामली पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है।
नफीस के एनकाउंटर से पहले भी कई इनामी बदमाशों को गिरफ्तार या निष्क्रिय किया गया है।
यह कार्रवाई उसी श्रृंखला की कड़ी है, जिसके तहत अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार चलाया जा रहा है।
एसपी एनपी सिंह ने कहा —
“हमारी कोशिश है कि शामली जनपद अपराध मुक्त बने।
कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है। जो अपराध करेगा, उसे अंजाम भुगतना ही होगा।”
🧠 विश्लेषण: यूपी पुलिस के एनकाउंटर मॉडल की सफलता
हाल के वर्षों में यूपी पुलिस ने अपराध नियंत्रण में जबरदस्त सफलता हासिल की है।
सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में “अपराध पर प्रहार” नीति के तहत, कई बड़े अपराधी या तो मारे गए हैं या जेल पहुंचाए गए हैं।
नफीस उर्फ मुद्दा का एनकाउंटर इसी नीति की एक बड़ी उपलब्धि है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे ऑपरेशनों से अपराधियों में भय और जनता में विश्वास दोनों बढ़ता है।
🔚 कानून के लंबे हाथों से नहीं बच पाया ‘मुद्दा’
कभी इलाके में दहशत फैलाने वाला नफीस अब इतिहास बन चुका है।
उसकी मौत यह साबित करती है कि अपराध का अंत निश्चित है — चाहे वह कितना भी बड़ा क्यों न हो।
पुलिस की इस कार्रवाई ने न सिर्फ कानून की ताकत दिखाई, बल्कि जनता के दिल में यह भरोसा भी जगाया है कि
“उत्तर प्रदेश में अपराधी सुरक्षित नहीं रह सकते।”
✍️ रिपोर्टर: एलिक सिंह
संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ / समृद्ध भारत समाचार पत्र
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