।। छावनी में चोरी की बिना नंबर टाटा टियागो गाड़ी का चौंकाने वाला खेल।।
।। आरोप है कि इसी गाड़ी से होती थी शराब की सप्लाई और अन्य ‘स्पेशल सर्विसेज़’।।
अजीत मिश्रा (खोजी)
।। छावनी में चोरी की बिना नंबर टाटा टियागो गाड़ी का चौंकाने वाला खेल।।
17 दिसंबर 25, उत्तर प्रदेश।
छावनी बस्ती ।। बड़ेबन चौकी प्रभारी रहते पकड़ी चोरी की गाड़ी को अबतक चलाते रहे दरोगा जी। SOG से लेकर कई थानों तक टियागो बनी रही सरकारी सुविधाओं की खास सवारी। कप्तान अभिनंदन के संज्ञान में आते ही सीओ स्वर्णिमा सिंह ने गाड़ी को तुरंत कराया सीज। सवाल उठ रहा थाने के अंदर और चौकीदार के घर यह गाड़ी कौन करवा रहा था पार्क?
सूत्र बताते हैं गाड़ी का इस्तेमाल लंबे समय से किया जा रहा था अवैध धंधों में इस्तेमाल। आरोप है कि इसी गाड़ी से होती थी शराब की सप्लाई और अन्य ‘स्पेशल सर्विसेज़’। छावनी थाने के CCTV फुटेज देखें टियागो अक्सर मिल जाएगी थाने के अंदर खड़ी। कुछ दिन से गाड़ी अजय चौहान चौकीदार के घर पर मिलने लगी संदिग्ध अंदाज़ में।
यदि निष्पक्ष जांच हो जाए तो बड़ा नेटवर्क सामने आने से कोई नहीं रोक सकता। बड़ेवन चौकी से लेकर छावनी थाना तक लंबे समय से टियागो चला रहे थे दरोगा जी। चौकीदार के संरक्षण में चल रहे इस खेल ने कानून व्यवस्था पर खड़ा किया सवाल। क्षेत्राधिकारी संजय सिंह को थी चोरी की इस गाड़ी की पूरी सूचना नहीं किए कोई कार्रवाई।
बस्ती जनपद के छावनी थाना क्षेत्र की है, जहाँ एक बिना नंबर की चोरी की टाटा टियागो (Tata Tiago) कार को लेकर पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठे हैं।
पुलिस की संलिप्तता: आरोप है कि बड़ेबन चौकी प्रभारी रहे थानाध्यक्ष और अन्य पुलिसकर्मी इस चोरी की गाड़ी का उपयोग लंबे समय से ‘सरकारी सुविधा’ के रूप में कर रहे थे। इसे SOG से लेकर विभिन्न थानों तक में इस्तेमाल किया जा रहा था।
अवैध गतिविधियां: सूत्रों और स्थानीय चर्चाओं के अनुसार, इस कार का इस्तेमाल शराब की तस्करी और अन्य संदिग्ध कार्यों के लिए किया जा रहा था। यह कार अक्सर थाने के सीसीटीवी कैमरों में भी देखी गई है।
बरामदगी और कार्रवाई: मामला पुलिस कप्तान (SP) अभिनंदन के संज्ञान में आने के बाद, सीओ स्वर्णिमा सिंह ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गाड़ी को सीज कर दिया। यह कार संदिग्ध परिस्थितियों में एक चौकीदार (अजय चौहान) के घर से बरामद हुई।
जांच का विषय: अब सवाल उठ रहे हैं कि तत्कालीन क्षेत्राधिकारी (CO) संजय सिंह और थाना प्रभारी की नाक के नीचे यह अवैध खेल कैसे चल रहा था। मामले की निष्पक्ष जांच होने पर एक बड़े नेटवर्क के खुलासे की संभावना जताई जा रही है।
इस मामले ने बस्ती पुलिस की कार्यप्रणाली और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
त्रिनेत्र से खुल सकता है तत्कालीन क्षेत्राधिकारी संजय सिंह और थानाध्यक्ष समेत गाड़ी के बड़े राज। सवाल जिस तरीके से कप्तान ने किया कार्यवाही क्या खुलेगा मिस्ट्री या अब रहेगा राज।










