A2Z सभी खबर सभी जिले कीTechnologyअन्य खबरेहरियाणा

सैंड आर्ट शो के माध्यम से दिखाई चार साहिबजादों की शौर्य गाथा – वीर बाल दिवस के उपलक्ष्य में सैंड आर्ट शो व जिला स्तरीय निबंध प्रतियोगिता का हुआ आयोजन

02

सैंड आर्ट शो के माध्यम से दिखाई चार साहिबजादों की शौर्य गाथा
– वीर बाल दिवस के उपलक्ष्य में सैंड आर्ट शो व जिला स्तरीय निबंध प्रतियोगिता का हुआ आयोजन

रिपोर्टर इन्द्र जीत

लोकेशन सिरसा

सिरसा, 18 दिसंबर।
वीर बाल दिवस के उपलक्ष्य में वीरवार को स्थानीय द आर्यन स्कूल में सैंड आर्ट शो तथा जिला स्तरीय निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस सैंड आर्ट शो के माध्यम से श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के चार साहिबजादों के बलिदान की शौर्य गाथा दिखाई गई। यह कार्यक्रम सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग, शिक्षा विभाग तथा कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी विजय लक्ष्मी ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। आर्टिस्ट मनीषा स्वर्णकार द्वारा प्रस्तुत इस शो में चारों साहिबजादों की वीर गाथा और उनके सर्वोच्च बलिदान को जीवंत किया गया। कार्यक्रम में मंद संगीत और मार्मिक कथन के साथ, कलाकार ने रेत के कणों को आकार दिया, जिससे श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के इन बहादुर बेटों की कहानी दर्शाई गई। सैंड आर्ट शो में दिखाया गया कि बहुत ही कम आयु में दोनों साहिबजादों जोरावर सिंह, फतेह सिंह को जीवित दीवार में चिनवा कर शहीद कर दिया गया। यह दृश्य शहादत की गाथा को सर्वोच्च रूप से प्रदर्शित करता था। इसके अलावा दिखाया गया कि साहिबजादा अजीत सिंह तथा साहिबजादा जुझार सिंह मुगलों के साथ युद्ध करते हुए बलिदान हो गए, लेकिन मुगलों के सामने सिर नहीं झुकाया।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी विजय लक्ष्मी ने कहा कि सैंड आर्ट शो के माध्यम से चार साहिबजादों के जीवन का चित्रण किया गया। इस शो के माध्यम से श्री गुरु गोबिंद सिंह के चार साहिबजादों के बलिदान एवं शौर्य गाथा को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि इतनी छोटी उम्र में साहिबजादों ने कितनी दृढ़ता दिखाई, उनके बलिदान को युवा पीढ़ी को दिखाया जाना जरूरी है। चार साहिबजादों की शौर्य गाथा से हमें मानवता की शिक्षा मिलती है। उन्होंने बताया कि वीर बाल दिवस के उपलक्ष्य में स्कूली विद्यार्थियों की जिला स्तर पर चार भाषाओं हिंदी, अंग्रेजी, पंजाबी व संस्कृत में निबंध प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जा रहा है। इसके बाद प्रदेश स्तर पर भी निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।
सैंड आर्ट शो देखने वाले गणमान्य व्यक्तियों व विद्यार्थियों ने कहा कि यह सैंड आर्ट केवल एक कला नहीं, बल्कि समृद्ध इतिहास और बलिदान की भावना को महसूस करने का एक माध्यम था। युवा पीढ़ी के लिए यह शो चार साहिबजादों के साहस, धर्म के प्रति निष्ठा और अटूट दृढ़ संकल्प को समझने का एक प्रभावी तरीका साबित हुआ। कार्यक्रम में नोडल अधिकारी अमित मनहर, द आर्यन स्कूल की प्रिंसिपल श्वेता महेश्वरी, एबीआरसी पूजा, हरीश सेठी, संस्कृत अध्यापक हरिओम भारद्वाज आदि मौजूद रहे।

Back to top button
error: Content is protected !!