![प्रदेश सरकार के आयुष, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन राज्य मंत्री[ स्वतंत्र प्रभार ] डॉ.दयाशंकर मिश्र "दयालु" ने केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर आयोजित पत्रकार वार्ता को किया संबोधित 1 ChatGPT Image Jul 17 2026 10 52 32 PM](https://vandebharatlivetvnews.com/wp-content/uploads/2026/07/ChatGPT-Image-Jul-17-2026-10_52_32-PM.png)
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महराजगंज/ उत्तर प्रदेश
रिपोर्ट:बुद्धेश मणि पाण्डेय जिला प्रभारी
प्रदेश सरकार के आयुष, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन राज्य मंत्री[ स्वतंत्र प्रभार ] डॉ.दयाशंकर मिश्र “दयालु” ने
केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि 01 फरवरी को प्रस्तुत किया गया केंद्रीय बजट केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत-2047 और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने का एक सशक्त और दूरदर्शी विजन डॉक्यूमेंट है।
डॉ दयालु ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में मोदी सरकार ने आमजन की सुविधाओं, नवाचार, आर्थिक वृद्धि, रोजगार सृजन और समावेशी विकास पर निरंतर फोकस किया है। इसी सोच का स्पष्ट प्रतिबिंब बजट 2026-27 में देखने को मिलता है, जो किसान, युवा, महिला, उद्यमी और मध्यम वर्ग सहित सभी वर्गों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने आधारभूत संरचना को अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानते हुए इसके लिए अब तक का सबसे निरंतर और मजबूत निवेश किया है। वर्ष 2014-15 में जहां इन्फ्रा बजट मात्र 2 लाख करोड़ रुपये था, वहीं इसे चरणबद्ध रूप से बढ़ाकर अब 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो अपने आप में ऐतिहासिक उपलब्धि है।
आयुष मंत्री डॉ दयालु ने कहा कि बजट में देश को सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की सौगात दी गई है, जिनमें दिल्ली-वाराणसी एवं वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर विशेष रूप से उत्तर प्रदेश को लाभ पहुंचाएंगे। इन परियोजनाओं से नोएडा, आगरा, लखनऊ, प्रयागराज और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों को तेज़-गति से जोड़ने में मदद मिलेगी, जिससे यात्रा समय घटेगा, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी। इसके साथ ही पूर्व में डांकुनी से पश्चिम में सूरत तक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के निर्माण का निर्णय लिया गया है, जिसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा उत्तर प्रदेश में होगा। अगले पांच वर्षों में 20 नए वाटरवेज़ शुरू किए जाएंगे, जिससे लॉजिस्टिक्स अधिक किफायती होगी। इसी क्रम में वाराणसी में गंगा जलमार्ग पर जलयान मरम्मत एवं शिप-रिपेयर केंद्र विकसित किए जाने की घोषणा की गई है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
डॉ दयालु ने बताया कि पांच लाख से अधिक आबादी वाले टियर-2 एवं टियर-3 शहरों में सिटी इकोनॉमिक रीजन विकसित किए जाएंगे, जिन पर अगले पांच वर्षों में प्रति शहर 5000 करोड़ रुपये तक खर्च किए जाएंगे। पर्यटन क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाओं को देखते हुए पांच प्रमुख टूरिस्ट डेस्टिनेशन विकसित किए जाएंगे। उत्तर प्रदेश में सारनाथ एवं हस्तिनापुर जैसे ऐतिहासिक एवं पर्यावरणीय स्थलों को अनुभवात्मक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
रक्षा क्षेत्र पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह पहला बजट है, जिसमें रक्षा बजट को 15 प्रतिशत बढ़ाकर 7.85 लाख करोड़ रुपये किया गया है। इसमें से 2.19 लाख करोड़ रुपये रक्षा अवसंरचना के लिए निर्धारित किए गए हैं, जो देश की सैन्य शक्ति और आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता को और सुदृढ़ करेंगे।
मैन्युफैक्चरिंग को रोजगार का प्रमुख आधार बताते हुए डॉ दयालु ने कहा कि मेक इन इंडिया और पीएलआई योजनाओं को और सशक्त किया गया है। बायोफार्मा शक्ति परियोजना के तहत 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान कर भारत को वैश्विक बायोफार्मा हब बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग के लिए 40,000 करोड़ रुपये का प्रावधान तथा केमिकल पार्क, हेवी टूल्स और शिपिंग कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग जैसी योजनाएं रोजगार और औद्योगिक विकास को गति देंगी। एमएसएमई क्षेत्र के लिए 10,000 करोड़ रुपये का एमएसएमई ग्रोथ फंड, 2000 पुराने औद्योगिक समूहों के पुनरुद्धार की योजना तथा खादी, हथकरघा, रेशम और टेक्सटाइल उद्योगों के लिए विशेष समर्थन का प्रावधान किया गया है, जिससे उत्तर प्रदेश के छोटे और कुटीर उद्योगों की प्रतिस्पर्धा क्षमता और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
डॉ दयालु ने कहा कि आयुष क्षेत्र में तीन अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना का निर्णय लिया गया है। युवाओं और महिलाओं के लिए प्रत्येक जिले में गर्ल्स हॉस्टल की व्यवस्था की गई है, जिसके तहत उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों को लाभ मिलेगा। औद्योगिक नगरियों के समीप यूनिवर्सिटी टाउनशिप, स्किल डेवलपमेंट मंत्रालय के बजट में 62 प्रतिशत की वृद्धि तथा स्कूलों और कॉलेजों में कंटेंट लैब की स्थापना से युवाओं को रोजगारोन्मुख शिक्षा प्राप्त होगी।
डॉ दयालु ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में जिला अस्पतालों की क्षमता 50 प्रतिशत तक बढ़ाने और प्रत्येक जिले में आपातकालीन एवं ट्रॉमा केंद्र स्थापित करने का प्रावधान किया गया है, जिससे प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुलभ एवं सशक्त होंगी।
उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र के लिए 1.62 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 7 प्रतिशत अधिक है। उच्च मूल्य एवं विविधीकृत कृषि, एआई आधारित भारत विस्तार योजना और समर्थन मूल्य को मजबूत करने के लिए किए गए प्रावधान किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होंगे।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय सहायता, टैक्स डिवोल्यूशन और सीएसएस के तहत उत्तर प्रदेश को लगभग 4.18 लाख करोड़ रुपये का वित्तीय समर्थन प्राप्त होगा, जो प्रदेश के विकास कार्यों को नई गति प्रदान करेगा।
आयुष मंत्री डॉ दयाशंकर मिश्र दयालु ने कहा कि बजट 2026-27 “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की भावना को साकार करने वाला बजट है, जो उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश को एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत की दिशा में तेज़ी से आगे ले जाने में निर्णायक भूमिका निभाएगा। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष संजय पांडेय, पनियरा विधायक ज्ञानेंद्र सिंह सदर विधायक जय मंगल कन्नौजिया,पूर्व विधायक बजरंग बहादुर सिंह जिला महामंत्री बबलू यादव, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष कृष्ण गोपाल जायसवाल,नगर अध्यक्ष आकाश श्रीवास्तव आकाश गुप्ता जिला मीडिया प्रभारी संजीव शुक्ला, भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष अभिषेक श्रीवास्तव मौजूद रहे।
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