

सागर,वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्टर सुशील द्विवेदी 8225072664 *कक्षा पांचवी, आठवीं की परीक्षाएं प्रारंभ हो गई है । आदर्श परीक्षा केंद्र बमोरी बीका में प्राचार्य सविता मिश्रा एवं केंद्र अध्यक्ष श्रीमती कृष्णा साहू सकारात्मक ऊर्जा के सतह निर्देश दिए एवं परीक्षा केंद्र पर उपस्थित सभी बच्चों का पुष्प बरसाकर स्वागत किया गया।कविता जैन माध्यमिक शिक्षक द्वारा कविता के माध्यम से बच्चों को प्रेरित किया गया। परीक्षा में लगे सभी पर्यवेक्षकों एवं विद्यालय के शिक्षकों द्वारा बच्चों को प्रोत्साहित कर पुष्प देकर कक्षा में प्रवेश कर बैठाया गया । इस प्रकार केंद्र के सभी बच्चों को भय मुक्त वातावरण में परीक्षा के लिए उत्साहित किया गया पुष्प वर्षा से बच्चों के चेहरे खिल उठे। और उन्होंने उत्साह पूर्वक परीक्षा कक्ष में प्रवेश किया। इस अवसर पर जन शिक्षक ललित मिश्रा ,कविता प्रजापति , विकास सैनी, कल्पना श्रीवास्तव, वर्मा मैडम, कुर्मी सर, बृजेश द्विवेदी, सुरभि मिश्रा आदि उपस्थित थे।श्रीमती कृष्णा साहू ने बच्चों को निर्देश दिए।सभी बच्चे परीक्षा में ध्यान रखेंगे, अभी मौसम भी गड़बड़ है , इसलिए मौसम से बचाव के सभी साधन अपनाएंगे। खाने पीने का भी ध्यान रखें , किसी भी प्रकार का तनाव नहीं ले, समय से नींद पूरी करें , पढ़ाई के साथ खाने पीने का ध्यान रखें और परीक्षा के 2 घंटे पहले आप अपनी पूरी तैयारी देख ले, जो सामग्री आपको परीक्षा केंद्र तक ले जानी है – प्रवेश पत्र, पानी की बोतल, पेन , ज्यामितीय सामग्री –स्केल आदि, रुमाल, तख्ती आदि अवश्य ले जाना है, यदि आप बीमार है तो अपनी दवाइयां भी साथ रख सकते हैं । भोजन करने के बाद ही आप परीक्षा देने जाएं ,खाली पेट ना रहे और प्रसन्नतापूर्वक सकारात्मक ऊर्जा के साथ परीक्षा दें। यदि आपको किसी प्रकार की समस्या है तो अपने शिक्षकों, बड़ों से सतत संपर्क आप कर सकते हैं । जिस विषय का पेपर है विद्यालय में बताएं अनुसार अच्छे से तैयारी करें विकल्पीय लघु उत्तरीय, अति लघु उत्तरीय, बहुविकल्पीय, दीर्घ उत्तरीय आदि जो भी प्रश्न आपको कक्षा में समझाएं गए हैं उसी अनुसार अपनी विषय की तैयारी करें।इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आपका किस तारीख को कौन सा पेपर है, पहले से ही ठीक से देख लें जिससे कोई गड़बड़ी या हड़बड़ी न हो। परीक्षा में प्रश्न पत्र ध्यान से पढ़ें और जो प्रश्न आपसे बन रहे उन्हें पहले करे, यदि कोई प्रश्न नहीं बन रहा तो घबराए नहीं, प्रश्न 3 ,4 बार पढ़े तो समझ जरूर आएगा। ईश्वर, अपने बड़ों, माता पिता, गुरु जनों का शुभाशीष ले।



