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कस्टम हायरिंग केंद्र बना आय का मजबूत जरिया

निवाड़ी के कृषक राजकुमार राय ने स्वरोजगार स्थापित कर अन्य किसानों को दे रहे सेवाएं, कमा रहे मुनाफा

निवाड़ी।  मध्यप्रदेश सरकार द्वारा स्वरोजगार एवं रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित योजनाएं अब ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव की कहानी लिख रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक सफलता कहानी है मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले के ग्राम बहेरा निवासी कृषक श्री राजकुमार राय की, जिन्होंने कस्टम हायरिंग केंद्र योजना का लाभ लेकर स्वयं का सफल स्वरोजगार स्थापित किया है।
आधुनिक कृषि यंत्रों की कमी बनी प्रेरणा
पेशे से किसान राजकुमार राय को आधुनिक कृषि यंत्रों की अनुपलब्धता के कारण खेती में अत्यधिक श्रम करना पड़ता था और अपेक्षित लाभ भी नहीं मिल पा रहा था। इसी दौरान कृषि अभियांत्रिकी विभाग द्वारा ग्रामीण युवाओं और कृषकों को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से निजी कस्टम हायरिंग केंद्र योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में चयनित हितग्राहियों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण उपरांत उन्होंने अपना स्वयं का कस्टम हायरिंग केंद्र स्थापित किया।
6.5 लाख की अनुदान सहायता से खड़ा किया व्यवसाय
श्री राय को 6 लाख 50 हजार रुपये की अनुदान सहायता स्वीकृत हुई। लगभग 17.52 लाख रुपये की कुल लागत से उन्होंने ट्रैक्टर सहित कल्टीवेटर, प्लाउ, थ्रेशर, हैरो, सीड-कम-फर्टिलाइजर ड्रिल और रोटावेटर जैसे आधुनिक कृषि यंत्र खरीदे।
इसके अतिरिक्त बैंक ऋण पर उन्हें एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF) के अंतर्गत 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान का लाभ भी प्राप्त हो रहा है, जिससे वित्तीय भार कम हुआ।
अब गांव-गांव पहुंचा रहे आधुनिक खेती की सुविधा
वर्तमान में राजकुमार राय अपने ग्राम बहेरा सहित आसपास के गांवों के किसानों को किराये पर कृषि यंत्र उपलब्ध करा रहे हैं। इससे न केवल उनकी आय में वृद्धि हुई है, बल्कि क्षेत्र के अन्य किसानों को भी आधुनिक कृषि यंत्र सुलभ दरों पर मिल रहे हैं।
योजनाएं बन रहीं आत्मनिर्भरता की राह
शासन की योजनाओं ने यह सिद्ध कर दिया है कि सही मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और आर्थिक सहयोग मिलने पर ग्रामीण किसान भी सफल उद्यमी बन सकते हैं। कस्टम हायरिंग केंद्र योजना ने जहां एक ओर राजकुमार राय को आत्मनिर्भर बनाया है, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में कृषि कार्यों को अधिक सुगम और लाभकारी बना दिया है।

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