
धार, 12 जून 2026। आगामी 21 जून को मनाए जाने वाले ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ के देशव्यापी अभियान के अंतर्गत आज धार जिले के औद्योगिक हब पीथमपुर में एक बेहद महत्वपूर्ण योग शिविर का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्री राजीव रंजन मीना के कुशल निर्देशन में आयुष विभाग द्वारा चलाए जा रहे इस विशेष जागरूकता कार्यक्रम के तहत, पीथमपुर सेक्टर स्थित ‘थिंक फार्मा प्राइवेट लिमिटेड (इण्डोरामा)’ में एक दिवसीय योग शिविर संपन्न हुआ। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों एवं कर्मचारियों को मानसिक तनाव से मुक्ति दिलाना, उनका स्वास्थ्य सुधारना और कार्यस्थल पर एक सकारात्मक व ऊर्जावान वातावरण का निर्माण करना रहा।
श्रमिकों और एच.आर. टीम ने उत्साह के साथ किया योगाभ्यास
इस विशेष औद्योगिक योग शिविर में कंपनी की एच.आर. (HR) टीम, वरिष्ठ अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में फैक्ट्री के श्रमिकों और कर्मचारियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में आयुर्वेदिक औषधालय एवं हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर मोरगांव के योग प्रशिक्षक श्री राजकुमार चौहान एवं योग सहायक श्री कमल मिनारे ने मुख्य भूमिका निभाई। इसके साथ ही ‘सत्य योगा’ संस्थान से श्री विवेक विश्वकर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
प्रोटोकॉल के तहत सीखे प्राणायाम और ध्यान के मंत्र
शिविर के दौरान आयुष विभाग की टीम द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के निर्धारित आधिकारिक योग प्रोटोकॉल का पालन करते हुए क्रमबद्ध योगाभ्यास कराया गया।
शारीरिक व मानसिक संतुलन: कर्मचारियों को विभिन्न प्रकार के योगासन, प्राणायाम और ध्यान (Meditation) की बारीकियों का अभ्यास कराया गया।
तनाव प्रबंधन (Stress Management): योग प्रशिक्षकों ने दैनिक जीवन और कार्यस्थल की आपाधापी के बीच मानसिक शांति बनाए रखने और तनाव मुक्त रहने के व्यावहारिक टिप्स साझा किए।
विशेषज्ञों का संदेश:”दैनिक जीवन का हिस्सा बने योग”योग विशेषज्ञों ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि योग केवल एक दिन की क्रिया नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। नियमित योग से न केवल कार्यक्षमता (Productivity) बढ़ती है, बल्कि जीवनशैली से जुड़ी कई गंभीर बीमारियों से भी बचा जा सकता है।
सकारात्मक कार्यस्थल (Healthy Workplace) की ओर बढ़ते कदम
फैक्ट्री प्रबंधन और आयुष विभाग के इस संयुक्त प्रयास की सराहना करते हुए कर्मचारियों ने माना कि इस तरह के शिविर औद्योगिक क्षेत्रों में बेहद जरूरी हैं। इस आयोजन से कर्मचारियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता तो बढ़ी ही है, साथ ही फैक्ट्रियों के भीतर एक स्वस्थ, खुशहाल और सहयोगात्मक कार्य वातावरण तैयार करने में भी
बड़ी मदद मिलेगी।







