“मुख्यालय के पास खुली छूट: रामपुर सकरवारी में बिक रहा धड़ल्ले से गांजा, आबकारी विभाग गहरी नींद में!”
अजीत मिश्रा (खोजी)
🚨अंबेडकरनगर में नशे का खुला बाजार: मुख्यालय के पास 'रामपुर सकरवारी' में बिक रहा धड़ल्ले से गांजा, आबकारी विभाग गहरी नींद में!🚨
अंबेडकरनगर: जिले के प्रशासनिक मुख्यालय अकबरपुर से चंद कदमों की दूरी पर स्थित रामपुर सकरवारी बाजार में कानून और व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए अवैध नशे का काला कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है। यहाँ गांजे की अवैध बिक्री इस कदर बेखौफ हो रही है कि देखकर ऐसा लगता है जैसे अपराधियों और तस्करों को किसी का डर ही नहीं बचा है, और आबकारी विभाग ने अपनी आंखें पूरी तरह मूँद ली हैं।
नाक के नीचे चल रहा अवैध धंधा, विभाग बना 'मूकदर्शक'
स्थानीय नागरिकों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि प्रशासन की नाक के नीचे दिन-दहाड़े प्रतिबंधित मादक पदार्थों का धंधा चल रहा है, लेकिन आबकारी विभाग कुंभकर्णी नींद सो रहा है। विभाग का मुख्य दायित्व अवैध नशीले पदार्थों और शराब की अवैध बिक्री पर शिकंजा कसना है, लेकिन रामपुर सकरवारी में हो रही इस खुली अवैध गतिविधि पर विभाग की चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े करती है।
क्या अधिकारियों की मिलीभगत है? आम जनता का सीधा आरोप है कि विभाग के कर्मचारी और अधिकारी या तो अपनी जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह लापरवाह हैं, या फिर इस अवैध कारोबारियों के साथ उनकी सीधी मिलीभगत है।
जिम्मेदारों की खामोशी: आखिर क्यों मुख्यालय के इतने करीब चल रहे इस अवैध कारोबार पर आबकारी निरीक्षक अमित कुमार दुबे और उनकी टीम द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है? कागजी कार्रवाई: क्या आबकारी विभाग की कार्यशैली सिर्फ कागजी खानापूर्ति और फाइलों तक ही सीमित रह गई है?
युवाओं के भविष्य पर मंडराता गंभीर खतरा
इस खुलेआम बिक रहे नशे के जाल में अब क्षेत्र के मासूम बच्चे और युवा आसानी से फंसते जा रहे हैं। जिस उम्र में युवाओं के हाथ में किताबें और भविष्य गढ़ने के सपने होने चाहिए, उस उम्र में वे नशे की गिरफ्त में बर्बाद हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर लगाम नहीं लगाई गई, तो आने वाली पीढ़ी पूरी तरह तबाह हो जाएगी। इस मामले में पुलिस की भूमिका को भी संदिग्ध बताया जा रहा है, जिससे जनता का गुस्सा सातवें आसमान पर है।
जनता की दो टूक चेतावनी
नागरिकों ने स्पष्ट शब्दों में मांग की है कि आबकारी विभाग तुरंत नींद से जागे, रामपुर सकरवारी बाजार में ताबड़तोड़ छापेमारी करे और इन सौदागरों पर सख्त कानूनी शिकंजा कसे। यदि विभाग का रवैया ऐसा ही ढुलमुल रहा, तो यह उनकी नाकामी और मिलीभगत का सबसे बड़ा प्रमाण होगा, जिसके खिलाफ जनता उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।













