
धनबाद: झारखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के माननीय सदस्य उज्जवल प्रकाश तिवारी ने आज समाहरणालय के सभागार में विभिन्न विभाग के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने सभी विभाग को नशा मुक्ति के लिए मेगा कैंप लगाने का निर्देश दिया।
वहीं बैठक के दौरान उन्होंने खनन क्षेत्र एवं अवैध कोयला खनन में बच्चों के इस्तेमाल पर रोक लगाने, नशे के शिकार बच्चों के पुनर्वास और उन्हें शिक्षा से जोड़ने, कक्षा एक में बीपीएल बच्चों के लिए निशुल्क शिक्षा की व्यवस्था करने, 18 वर्ष से कम उम्र के जरूरतमंद बच्चों को स्पॉन्सरशिप से जोड़ने के लिए अभियान चलाने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि दिव्यांग बच्चों के लिए सेंसर युक्त कृत्रिम यंग लगाने के लिए राज्य स्तर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने जिले के 18 वर्ष से कम उम्र के दिव्यांग बच्चों का डाटा भी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही जिला समाज कल्याण विभाग से जिले में संचालित प्ले स्कूलों में नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, की जांच करने का निर्देश दिया।
इसके अलावा उन्होंने जेएसएलपीएस को जरूरतमंद बच्चों को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने तथा यदि माइंस में घर है और खनन के लिए बच्चों का इस्तेमाल हो रहा है तो खनन विभाग को तत्काल कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया।
बैठक के बाद झारखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के माननीय सदस्य ने वरीय पुलिस अधीक्षक हृदीप पी जनार्दन से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सीडब्लूसी कार्यालय में एक महिला एवं एक पुरुष गार्ड देने का अनुरोध किया। साथ ही बच्चों को बाहर भेजने के दौरान सुरक्षा प्रदान करने का अनुरोध किया।

