
जावरा-ग्राम कालूखेड़ा मे रविवार कों गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर बहुत प्राचीन शिवालय भगवान श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर कुटिया पर गुरु पूर्णिमा के अवसर पर प्रातः काल से मुख्य यजमान श्री हरेंद्र सिंह राठौड़ रतलाम के द्वारा रुद्राभिषेक किया गया। इस अवसर मे हाई सेकंडरी स्कुल कालूखेड़ा के समस्त स्टॉफ ओर विधार्थीयो द्वारा चातुर्मास ज्ञान गंगा मे प्रवचन करने वाले परम् पूज्य स्वामी 1008 श्री जगदिशानन्द जी महाराज का गुरु पूजन कर प्रवचनो का लाभ प्राप्त किया। जिसके बाद दोपहर 2 बजकर 30 मिनिट के बाद इस भोजन भण्डारे का सहयोग श्री ठाकुर श्री हरेंद्र सिंह राठौड़ एवं श्रद्धांलू के सहयोग से विशाल भण्डारे का आयोजन हुआ। जिसमे सेकडो की संख्या में जनभक्तो ने इस भण्डारे मे भोजन प्रसादी का आनंद लिया। जो की यह भंडारा रात्रि करीब 8 बजे तक प्रसाद पाने वालों का सील सिला चलता रहा। जिसमे न केवल कालूखेड़ा अपितु आस पास से पधारे ग्रामवासी गण ओर स्वामी श्री प्रत्यक्षानन्द जी एवं स्वामी श्री भगवतानन्द जी महाराज के भक्त भी
उपस्थित हुऐ।
इस अवसर पर ऋषिकेश से पधारे कैलाश आश्रम से आचार्य स्वामी श्री आनंद स्वरूप जी महाराज पु स्वामी श्री जगदीशा नन्द जी महाराज एवं श्री केके सिंह कालूखेड़ा द्वारा बिल पत्र आदी पौधों का वृक्षारोपण भी किया गया। इस कार्यक्रम कों सफल बनाने मे श्री चैतन्य मंडल सतसंग कालूखेड़ा ओर ग्रामवासियो का सहयोग रहा |
जावरा-ग्राम कालूखेड़ा मे रविवार कों गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर बहुत प्राचीन शिवालय भगवान श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर कुटिया पर गुरु पूर्णिमा के अवसर पर प्रातः काल से मुख्य यजमान श्री हरेंद्र सिंह राठौड़ रतलाम के द्वारा रुद्राभिषेक किया गया। इस अवसर मे हाई सेकंडरी स्कुल कालूखेड़ा के समस्त स्टॉफ ओर विधार्थीयो द्वारा चातुर्मास ज्ञान गंगा मे प्रवचन करने वाले परम् पूज्य स्वामी 1008 श्री जगदिशानन्द जी महाराज का गुरु पूजन कर प्रवचनो का लाभ प्राप्त किया। जिसके बाद दोपहर 2 बजकर 30 मिनिट के बाद इस भोजन भण्डारे का सहयोग श्री ठाकुर श्री हरेंद्र सिंह राठौड़ एवं श्रद्धांलू के सहयोग से विशाल भण्डारे का आयोजन हुआ। जिसमे सेकडो की संख्या में जनभक्तो ने इस भण्डारे मे भोजन प्रसादी का आनंद लिया। जो की यह भंडारा रात्रि करीब 8 बजे तक प्रसाद पाने वालों का सील सिला चलता रहा। जिसमे न केवल कालूखेड़ा अपितु आस पास से पधारे ग्रामवासी गण ओर स्वामी श्री प्रत्यक्षानन्द जी एवं स्वामी श्री भगवतानन्द जी महाराज के भक्त भी
उपस्थित हुऐ।














