
हाईकोर्ट के आदेश पर मुक्त हुई ग्राम समाज की भूमि पर ओमप्रकाश आदि आज भी खेती कर रहे हैं
तहसील टांडा अन्तर्गत ग्राम पंचायत हिथुरी में पूर्व लेखपाल ओमप्रकाश वर्मा आदि के द्वारा कूटरचित ढंग से ग्राम समाज की ऊसर भूमि नवीन परती बंजर भूमि को अपने नाम करवा लिया गया था, आपको बता दे हाईकोर्ट में एक आम नागरिक राम सहाय वर्मा पुत्र कल्पू के द्वारा रीट दायर किया गया था काफी संघर्ष किया राजस्व विभाग की जमीन संपत्ति बचाने के लिए लेखपाल ओमप्रकाश वर्मा से।
काफी समय के बाद उच्च न्यायालय हाई कोर्ट ने लिया संज्ञान
हाईकोर्ट में लंबी लड़ाई लड़ने के बाद रद्द हुई थी खतौनी की जमीन तहसील प्रशासन के अधिकारी अपनी ही विभाग की भूमि को बचाने में नाकाम साबित हो रहे थे ।माननीय न्यायालय के आदेश पर लेखपाल ओमप्रकाश वर्मा आदि के नाम पर दर्ज भूमि को गलत पाया गया फिर हाईकोर्ट ने उसे ग्राम समाज संपत्ति खाते ऊसर बंजर नवीन परती भूमि के नाम पर दर्ज करने का आदेश दे दिया,
माननीय उच्च न्यायालय ने आदेश दिया ऊसर बंजर नवीन परती भूमि दर्ज करने के लिए
उच्च न्यायालय के आदेश पर राजस्व विभाग के जिम्मेदार अधिकारी आनन-फानन में फ्रॉड करके कराई गई अपने नाम जमीन को ग्राम समाज के खाते में दर्ज कर लिया लेकिन लेखपाल ओमप्रकाश वर्मा के ऊपर प्रशासनिक एवं विभागीय कार्रवाई नहीं किया जबकि यह कृत फ्रॉड अथवा 420 की श्रेणी में आता है राजस्व विभाग का कर्मचारी होने के नाते राजस्व विभाग के जिम्मेदार अधिकारी बचाने में लेखपाल ओमप्रकाश वर्मा का भरपूर सहयोग किया
मुक्त हुई भूमि का विवरण निम्न प्रकार है
तहसील प्रशासन के मिलीभगत से पूर्व लेखपाल ओमप्रकाश वर्मा आदि ने ग्राम समाज की भूमि को अभिलेखों में छेड़छाड़ करवाकर अपने नाम करा लिया उसके बाद उच्च न्यायालय के कड़ी फटकार के बाद भूमि वापस ग्राम समाज के खाते में हुई दर्ज!
गाटा संख्या 27 घमि– क्षेत्रफल 0.115
गाटा संख्या 113– क्षेत्रफल 0.205
गाटा संख्या 126–क्षेत्रफल 0.310
गाटा संख्या 131–रकबा 0.2230
गाटा संख्या 134–क्षेत्रफल 0.0150
गाटा संख्या 97 (1)–क्षेत्रफल 0.1390
गाटा संख्या 97 (2)–क्षेत्रफल 0.560
लेखपाल ओमप्रकाश वर्मा के ऊपर विभागीय एवं प्रशासनिक कार्रवाई न होने का नतीजा
ग्राम समाज की भूमि पर आज भी धान की फसल की खेती की गई है
तहसील टांडा प्रशासन की क्या कोई जिम्मेदारी नहीं बनती है कि ग्राम समाज की भूमि पर कैसे खेती की जा रही है किसके आदेश पर लेखपाल ओमप्रकाश वर्मा आदि के नाम से हुए कब्जा से मुक्त करने में राजस्व विभाग के अधिकारी फिसड्डी साबित हो रहे हैं । यह चर्चा अंबेडकर नगर में सरेआम हो रहा है। जनता सवाल उठा रही है। अगर राज्यों से विभाग के ही अधिकारी इस तरीके कर रहे हैं तो हमारी सुरक्षा कैसे तय होगी जबकि आए दिन राजस्व विभाग के लेखपाल की वजह से आए दिन विवाद बढ़ते जा रहे हैं जनता कह रही है की राजस्व विभाग के लेखपाल अपने ईमानदारी से विचलित होकर भ्रष्टाचार में संकल्प होते नजर आ रहे हैं
ग्राम समाज की इसी भूमि से आज शीशम व अन्य का पेड़ बिना किसी अधिकारी के आदेश के धड़ल्ले से काटा जा रहा
आज दिनांक 29 जुलाई को उसी ग्राम समाज की भूमि से रामभारत वर्मा ने शीशम व अन्य के पेड़ को काट दिया गया है शिकायतकर्ता राजन सिंह ने तुरन्त वन विभाग को पेड़ काटने की सूचना दी, सूचना पर अगले दिन वन विभाग की टीम ने जांच किया और पेड़ कटा हुआ पाया गया, इसी तरह पहले भी इसी जमीन पर कई पेड़ काटे जा चुके हैं और धीरे धीरे पेड़ काटने का सिलसिला जारी है!
तहसील प्रशासन फर्जी तरीके से अपने नाम कराई गई जमीन के मामले में पूर्व लेखपाल ओमप्रकाश वर्मा आदि के ऊपर दर्ज नहीं की FIR
तहसील प्रशासन के मिलीभगत से ग्राम समाज की जमीन को अपने नाम पर कराने के मामले में उच्च न्यायालय के कड़ी कारवाई करने के बावजूद आधिकारियों ने पूर्व लेखपाल ओमप्रकाश वर्मा आदि के ऊपर फ्रॉड अथवा 420 का मुकदमा दर्ज नहीं किए!
तहसील प्रशासन अपनी जमीन आज खाली कराने में असफल रहा है
पूर्व लेखपाल ओमप्रकाश वर्मा आदि आज भी जमीन पर कब्ज़ा करके खेती कर रहा है, अगर कोई व्यक्ति उसको कब्जा करने से मना कर दें तो ओमप्रकाश वर्मा आदि उससे लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हो जाते हैं!
अगर यहीं रवैया रहा इसी तरह से 420 होता रहा तो वह दिन दूर नहीं जब तहसील और कलेक्ट्रेट परिसर को बचाना मुश्किल हो जाएगा
जिलाधिकारी महोदय की साख पर उठ रहे हैं कई सवालिया निशान
लेखपाल का वर्जन अथवा कथन
लेखपाल का कहना है कि पेड़ जहां पर काटा गया है वह गाटा संख्या 98 में है और साथ में यह भी कह रहे है कि गलत तो हुआ है जबकि सवाल यह खड़ा होता है कि बिना पैमाईश के कैसे बताया जा रहा है कि वह पेड़ भूमि गाटा संख्या 98 में दर्ज है इससे साफ साफ पता चल रहा है एक लेखपाल के द्वारा पूर्व लेखपाल ओमप्रकाश वर्मा आदि को बचाया जा रहा है!
ग्रामीणों ने बताया कि लेखपाल साहब ग्राम पंचायत में नहीं आए हैं और ना ही कोई पैमाईश किया गया है!
PIL संख्या 19828/2021
रामसहाय वर्मा पुत्र स्व कल्पू वर्मा
बनाम
स्टेट ऑफ उत्तर प्रदेश
डीएम अम्बेडकरनगर





