

समीर वानखेड़े चंद्रपुर महाराष्ट्र:
इन दिनों बल्लारपुर शहर के प्रत्येक गली चौराहों पर बड़े बड़े होर्डिंग लगाने की होड़ सी मची हुई है । आगामी विधानसभा चुनाव के चलते नेताओ और उनके चेलों ने पूरा शहर ही होर्डिंग से भर दिया है । साथ ही यहां चल रहे अनेक कोचिंग क्लासेस ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी है । होर्डिंग लगाने हेतु राजनीतिक पार्टी हो या कोचिंग क्लासेस या कोई व्यापारिक प्रतिष्ठान सभी बिजली विभाग के खंभों पर ही होर्डिंग लगा रहे है । हर गली नुक्कड़ पर यह होर्डिंग लगे है लेकिन बिजली विभाग कुभकर्णी नींद में सोया हुआ है ।
इन होर्डिंग्स को लगाने वाले राजनीतिक पार्टी , क्लासेस के संचालक या व्यापारिक प्रतिष्ठान क्या बिजली विभाग तथा नगर पालिका से स्वीकृति लेकर ये होर्डिंग लगा रहे है । महामार्ग के दोनो ओर जगह जगह पर होर्डिंग नजर आते है इसमें भी विभिन्न पार्टी के नेताओं के जन्मदिन तथा सभा आंदोलनों के होर्डिंग की तो बाढ़ सी आ गई है आए दिन कोई न कोई नेता के जन्मदिन के होर्डिंग नगरपालिका चौक, रेलवे चौक , पुराना बस स्टैंड तथा कलामंदिर चौक में लगाए जाते है जिससे स्वाभाविक रूप से वाहन चालकों का ध्यान इन होर्डिंग की ओर जाता है जिससे आए दिन छोटी बड़ी दुर्घटनाएं होती रहती है।
सरकार जहा प्लास्टिक बंदी का समर्थन कर रही प्लास्टिक के उपयोग पर पाबंदी लगा रखी है वही सैकड़ों की संख्या में लगे होर्डिंग्स पर कोई करवाई क्यों नही होती आखिर ये प्लास्टिक से बने होर्डिंग को कैसे नष्ट किया जाता ये होर्डिंग के प्लास्टिक भी प्रदूषण बढ़ाने में सहाय्यक साबित हो रहे है । साथ ही बिजली के खंभों पर लगे होने से बिजली विभाग के कर्मचारियों को खंभों पर चढ़ने तथा काम।करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है । लेकिन इसके बावजूद बिजली विभाग इन अवैध होर्डिंग्स तथा बोर्ड को हटाने हेतु कोई करवाई करते नजर नही आ रहा है । वर्षों से इस तरह के हॉर्डिन लग रहे है न कभी नगर पालिका ने इसकी सुध ली है न ही बिजली विभाग ने । नगरपालिका द्वारा कैरी बैग बेचने वाले छोटे व्यापारियों पर दंडात्मक कारवाई की जाती है तो इन होर्डिंग्स पर क्यों नही । क्या नेताओं के होर्डिंग्स होने की वजह से इनपर कारवाई करने से प्रशासन घबराता है ।
शहर में लगे सभी अवैध होर्डिंग्स पर कारवाई करने की मांग की जा रही है ।






