
उत्तर प्रदेश में बेहतर स्वच्छता के लिए क्राई ने चलाया अभियान

स्वच्छ भारत अभियान के 10 वर्ष: आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान में क्राई बना सहभागी
बदायूं (उ०प्र०),01-10-2024 : चाइल्ड राइट्स एंड यू – क्राई और समग्र विकास संस्थान द्वारा स्वच्छता ही सेवा अभियान के उत्तर प्रदेश के बदायूं भर में स्वच्छता और जागरूकता गतिविधियों की एक श्रृंखला सफलतापूर्वक आयोजित की गई। मध्य सितंबर से अक्टूबर की शुरुआत तक चलने वाली इस पहल का उद्देश्य विभिन्न समुदायों में बेहतर स्वच्छता और स्वच्छता प्रथाओं को बढ़ावा देना था। अभियान ने विशेष रूप से बच्चों के बीच जल, सफाई एवं स्वच्छता यानि वॉश जागरूकता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया, जो एक स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण को बढ़ावा देता है।
इस वर्ष 2 अक्टूबर यानि गांधी जयंती के अवसर पर स्वच्छ भारत अभियान के एक दशक पूरे होने जा रहे हैं। यह अभियान महात्मा गांधी के स्वच्छ और स्वस्थ भारत के दृष्टिकोण से प्रेरित है, जो पूरे देश में स्थायी स्वच्छता और साफ-सफाई के तरीकों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।
अभियान के समापन पर बोलते हुए, क्राई -नॉर्थ की क्षेत्रीय निदेशक सोहा मोइत्रा ने बच्चों के जीवन में वॉश के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “वॉश बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और गरिमा के लिए आवश्यक है। स्वच्छ पानी और स्वच्छता तक पहुंच न केवल उन्हें बीमारी से बचाती है बल्कि स्कूल में उनकी उपस्थिति और भागीदारी भी सुनिश्चित करती है। खराब वॉश सुविधाएं उनके विकास में सीधी बाधा हैं, जिससे बच्चों खासतौर पर लड़कियों कि स्कूलों मे अधिक अनुपस्थिति होती है और उनके विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। स्कूलों और समुदायों में स्थायी वॉश प्रणालियों के निर्माण के लिए संगठनों, समुदायों और स्थानीय शासन के बीच सहयोगात्मक प्रयास महत्वपूर्ण हैं। साथ मिलकर, हम बच्चों को एक सुरक्षित, स्वच्छ वातावरण प्रदान कर सकते हैं।”
उन्होंने आगे जोर देकर कहा, ” वॉश बच्चों के विकास और संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, विशेष रूप से वंचित समुदायों में जहां स्वच्छ पानी और पर्याप्त स्वच्छता तक पहुंच अक्सर सीमित होती है। उचित स्वच्छता की कमी बीमारी, कुपोषण और चरम मामलों में मृत्यु का जोखिम बढ़ाती है। इसका शैक्षिक प्रभाव भी महत्वपूर्ण है, विशेष रूप से लड़कियों के लिए, जो अपर्याप्त मासिक धर्म स्वच्छता सुविधाओं के कारण स्कूल छोड़ सकती हैं।”
क्राई की भागीदारी ने बदायूं में स्थानीय समुदायों को जुटाया, जहां संगठन ने बेहतर स्वच्छता और सफाई की आदतों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न जागरूकता और सहभागिता गतिविधियों का नेतृत्व किया।
1. परिषदीय विद्यालय में बच्चों व अध्यापकों के साथ जागरूकता बैठकें आयोजित हुई व बच्चों को हैंडवाश करवाया गया। 15 स्कूलों में 995 बच्चों तथा 52 अध्यापकों ने प्रतिभाग किया।
2. ग्राम स्तर पर गठित बाल समूह, किशोर समूह व किशोरी समूह के साथ कुल 14 जागरूकता बैठकें आयोजित हुई जिसमें 228 बच्चों ने प्रतिभाग किया।
3. बाल गतिविधि केन्द्रों पर 3 बाल पंचायत बैठकों के स्वच्छ्ता के विषय पर जानकारी दी गई जिसमें 182 बच्चों ने प्रतिभाग किया, बच्चों को हैंड वाश करने की प्रक्रिया भी सिखाई गई।
4. CBO/महिला मण्डल के साथ 7 बैठकें आयोजित हुई जिसमें कुल 84 लोगों ने प्रतिभाग किया इसके अतिरिक्त 7 आशा कार्यकत्री, 6 आंगनवाड़ी कार्यकत्री, 2 सहायिका तथा 4 ANM ने प्रतिभाग किया।
5. पोस्टर अभियान के माध्यम से 14 परिवारों के घर स्वच्छ्ता से सबंधित पोस्टर लगवाए गए, इससे लगभग 280 लोगों तक पहुंच हुई।
6. 6 गॉव में 192 बच्चों के साथ मिलकर रैली निकवाई गई।
इस प्रकार कुल 1597 बच्चे, 364 लोग, 52 अध्यापक, 7 आशा कार्यकत्री, 6 आंगनवाड़ी कार्यकत्री, 2 सहायिका तथा 4 ANM तक पहुंच हुई।
क्राई ने वॉश क्षेत्र में व्यापक पहल की है, जिसमें ज्ञान, दृष्टिकोण और अभ्यास का मूल्यांकन, वॉश मानकों का मानचित्रण, स्कूली बच्चों को हाथ धोने और मासिक धर्म स्वच्छता के बारे में शिक्षित करना, समुदाय को बीमारियों के शुरुआती लक्षणों के बारे में जागरूक करना, पानी की गुणवत्ता की जांच, स्कूल स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन, और सामुदायिक शौचालयों के लिए पैरवी शामिल है। विशेष रूप से, सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशिष्ट कार्यक्रम लागू किए गए।







