
खुरई। में परंपरानुसार श्रद्धालुओं ने सुबह शहर के पुराने हनुमानजी मंदिर से पालकी-चुनरी पद यात्रा शुरू की, जो शहर के परसा चौराहा, झंडा चौक, पठार, शिवाजी चौक, सागर नाका से होते हुए जरूआखेड़ा के जलंधर गांव में स्थित मां ज्वाला देवी मंदिर के लिए रवाना हुई। यात्रा के आयोजनकर्ता पुष्पेंद्र ठाकुर रारोन ने बताया कि पालकी चुनरी पैदल यात्रा का यह 13 वां वर्ष है। नवरात्रि के पहले दिन मां ज्वाला देवी की पालकी एवं चुनरी लेकर श्रद्धालु पदयात्रा करते हैं। यात्रा पुराने हनुमान मंदिर से प्रारंभ होकर नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए नेशनल हाईवे खुरई-सागर रोड पर स्थित जरूआखेड़ा के पास जलंधर गांव में स्थित मां ज्वाला देवी मंदिर पहुंचते हैं। इस बार भी सभी श्रद्धालुओं ने 35 किलोमीटर का पैदल सफर तय कर जलंधर गांव के पहाड़ पर विराजमान मां ज्वाला देवी मंदिर में पहुंचकर चुनरी चढ़ाई। रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालु दर्शन करते हैं और यात्रा में जुड़ते हैं। ज्वाला देवी मंदिर परिसर में विशाल भंडारा भी आयोजित किया गया।





