उत्तर प्रदेशबस्ती

जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी की कार्यशैली पर सवाल: उद्घाटन खुद, निर्माण पर उठे गंभीर आरोप

बस्ती: खुद 'निर्माण' करवाया, खुद किया 'उद्घाटन'; नहीं मिला कोई बड़ा नेता! कार्यकाल के अंत में संजय चौधरी का 'अकेला' उद्घाटन: भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के लगे आरोप

अजीत मिश्रा (खोजी)

बस्ती: जिला पंचायत अध्यक्ष की कार्यशैली पर उठे सवाल, बिना किसी बड़े नेता के खुद किया ‘उद्घाटन’

  • बस्ती: क्या पार्किंग की जगह दुकान बेचकर की गई कमाई? जिला पंचायत अध्यक्ष निशाने पर
  • ‘यादगार’ काम के नाम पर खाली हाथ: जिला पंचायत सदस्यों ने संजय चौधरी के 5 साल को बताया विफल

बस्ती ।। जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी की कार्यशैली एक बार फिर सुर्खियों में है। अपने कार्यकाल के अंतिम दिनों में उन्होंने न केवल स्वयं द्वारा बनवाए गए निर्माण कार्यों का उद्घाटन किया, बल्कि इस दौरान किसी भी बड़े नेता की उपस्थिति भी नहीं दिखाई दी।

स्वयं बने मुख्य अतिथि

संजय चौधरी ने पटेल चौक पर नवनिर्मित ‘पटेल गेट’ का उद्घाटन स्वयं किया। इसी कड़ी में 10 जुलाई को जिला पंचायत कार्यालय का उद्घाटन भी उनके द्वारा ही किया जाना तय हुआ, जबकि उस दिन मुख्यमंत्री सहित भाजपा के दो दर्जन से अधिक बड़े नेता जिले में मौजूद थे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उद्घाटन का अधिकार केंद्रीय मंत्री और राजनीतिक गुरु पंकज चौधरी का था, लेकिन संजय चौधरी ने स्वयं इसे करके सबको चौंका दिया।

विकास या धन की बर्बादी?

लेख में उनके कार्यकाल के दौरान हुए निर्माण कार्यों पर कई गंभीर सवाल उठाए गए हैं:

  • कार्यालय नवीनीकरण: जिला पंचायत कार्यालय के नवीनीकरण पर नौ लाख रुपये खर्च किए गए, जिसे लेकर भुगतान विवाद और ‘कमीशनबाजी’ के आरोप लग रहे हैं।
  • दुकान बनाम पार्किंग: जनहित में वहां पार्किंग की आवश्यकता थी, लेकिन कथित रूप से कमीशन के लालच में संजय चौधरी और गिल्लम चौधरी ने पार्किंग के स्थान पर दुकानें बनवा दीं और उन्हें बेच दिया।
  • भ्रष्टाचार के आरोप: गेट निर्माण जैसे कार्यों में 50 प्रतिशत तक कमीशन लेने के गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।

सदस्यों में असंतोष

जिला पंचायत के सदस्यों का कहना है कि अध्यक्ष ने उन्हें क्षेत्र में काम करने लायक नहीं छोड़ा है। स्थिति यह है कि यदि वर्तमान सदस्य दोबारा चुनाव लड़ते हैं, तो उनकी जीत की संभावना न के बराबर है। आलोचकों का मानना है कि उनके पांच साल के कार्यकाल में कोई भी उल्लेखनीय काम नहीं हुआ, जिसे ‘यादगार’ माना जा सके।

​यह लेख बस्ती के जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी के कार्यों और उनके कार्यकाल के अंतिम दिनों की कार्यशैली पर केंद्रित है। लेख के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • उद्घाटन का मामला: संजय चौधरी ने पटेल चौक पर ‘पटेल गेट’ का निर्माण करवाया और स्वयं ही उसका उद्घाटन किया। साथ ही, 10 जुलाई को उन्होंने जिला पंचायत कार्यालय का भी स्वयं उद्घाटन करने का निर्णय लिया, जबकि उस दिन जिले में मुख्यमंत्री और कई बड़े नेता मौजूद थे।
  • कार्यालय के नवीनीकरण पर सवाल: लेख में आरोप लगाया गया है कि जो कार्यालय उनके कार्यकाल में बना, वह धन की बर्बादी और ‘कमीशनबाजी’ का प्रतीक है। नौ लाख रुपये इसके नवीनीकरण पर खर्च हुए, जिसके भुगतान को लेकर भी विवाद है।
  • दुकान बनाम पार्किंग: लेख में दावा किया गया है कि वहां पार्किंग की आवश्यकता थी, लेकिन कमीशन के लालच में संजय चौधरी और गिल्लम चौधरी ने वहां दुकानें बनवाईं और उन्हें बेच दिया।
  • कार्यकाल का मूल्यांकन: जिला पंचायत सदस्यों का मानना है कि संजय चौधरी ने उन्हें चुनाव लड़ने और क्षेत्र में जाने लायक नहीं छोड़ा है। लेख के अनुसार, उनके पांच साल के कार्यकाल में ऐसा कोई उल्लेखनीय काम नहीं हुआ जिसे यादगार कहा जा सके।
  • आरोप: लेख में यह गंभीर आरोप भी लगाया गया है कि गेट निर्माण के नाम पर 50 प्रतिशत कमीशन लिया जाता है।

​लेख का निष्कर्ष यह है कि ये उद्घाटन उनके कार्यकाल के समाप्त होने का संकेत हैं, और जनता व अन्य प्रतिनिधियों के बीच उनकी कार्यप्रणाली को लेकर काफी असंतोष है।

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