उत्तर प्रदेशबस्ती

ओपेक हॉस्पिटल कैली में जहरीले सांपों का डेरा; करैत और रसेल वाइपर मिलने से हड़कंप

बस्ती मेडिकल कॉलेज परिसर में विषैले सर्पों का आतंक, सफाई न होने से खौफ में स्वास्थ्य कर्मी कैली अस्पताल: टाइप-1 परिसर बना जहरीले सांपों का अड्डा, मरीजों और स्टाफ में दहशत

अजीत मिश्रा (खोजी)

बस्ती: ओपेक हॉस्पिटल कैली में जहरीले सांपों का आतंक, मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों में दहशत

  • बस्ती मेडिकल कॉलेज में लापरवाही की हद: गंदगी और झाड़ियों के बीच जान जोखिम में डालकर काम कर रहे स्वास्थ्य कर्मी
  • ओपेक हॉस्पिटल में मौत का साया: सफाई के अभाव में परिसर में घूम रहे जानलेवा करैत और रसेल वाइपर

बस्ती: जिले के प्रमुख चिकित्सा संस्थान, ओपेक हॉस्पिटल कैली (बस्ती मेडिकल कॉलेज इकाई) में जहरीले सांपों के निकलने से हड़कंप मच गया है। पिछले कुछ दिनों में अस्पताल परिसर के भीतर खतरनाक प्रजाति के सांपों के देखे जाने से न केवल मरीजों और उनके परिजनों में, बल्कि ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों में भी भारी दहशत का माहौल है।Screenshot 20260710 120005

​दो जगहों पर मिले करैत और रसेल वाइपर

​मिली जानकारी के अनुसार, ओपेक हॉस्पिटल के टाइप-1 आवासीय परिसर में दो अलग-अलग स्थानों पर बेहद विषैले सांप देखे गए हैं। स्थानीय लोगों और स्वास्थ्य कर्मियों की मानें तो इनमें ‘कॉमन करैत’ और ‘रसेल वाइपर’ जैसे अत्यधिक घातक सांप शामिल हैं। टाइप-1 परिसर के ग्राउंड फ्लोर पर सांपों की मौजूदगी ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

​गंदगी और झाड़ियां बनीं सांपों का बसेरा

​अस्पताल परिसर में व्याप्त बदहाल स्थिति सांपों के निकलने का मुख्य कारण मानी जा रही है। आवासीय परिसर और अस्पताल की बाउंड्री के आसपास उगी लंबी झाड़ियों और गंदगी के ढेर की नियमित सफाई नहीं कराई जा रही है। यह झाड़ियां विषैले जीवों के लिए सुरक्षित आश्रय स्थल बन गई हैं। स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि प्रशासन द्वारा बार-बार संज्ञान लेने के बावजूद परिसर में स्वच्छता पर कोई ठोस ध्यान नहीं दिया गया है।

​कर्मचारियों में आक्रोश, तत्काल सफाई की मांग

​परिसर में काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों और वहां रहने वाले परिवारों ने जान के खतरे को देखते हुए कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से तत्काल निम्नलिखित कदम उठाने की मांग की है:

  • सघन सफाई अभियान: परिसर के चारों ओर उगी बड़ी-बड़ी झाड़ियों को तुरंत कटवाकर मैदान को समतल किया जाए।
  • नियमित फॉगिंग: कीड़ों और रेंगने वाले जीवों को दूर रखने के लिए परिसर में नियमित रूप से एंटी-लार्वा स्प्रे और फॉगिंग कराई जाए।
  • सुरक्षा उपाय: भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए परिसर में नियमित निगरानी की व्यवस्था की जाए।

​अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर जहरीले जीवों की मौजूदगी से किसी भी समय बड़ी अनहोनी हो सकती है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और कब तक सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाते हैं।

नोट: यह लेख स्थानीय समस्याओं को उजागर करने के उद्देश्य से लिखा गया है।

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