अन्य खबरेकृषिगढ़वाटेक्नोलॉजीताज़ा खबरमनोरंजनलाइफस्टाइल

ब्रेकिंग न्यूज डायरिया का प्रकोप थमने का नाम नहीं

भवनाथपुर:प्रखंड के कैलान पंचायत स्थित आदिम जनजाति बाहुल्य झुरही टोला में डायरिया का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है

संवाददाता अखिलेश विश्वकर्मा गढ़वा भवनाथपुर से प्रखंड के कैलान पंचायत स्थित आदिम जनजाति बाहुल्य झुरही टोला में डायरिया का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है।बीते एक सप्ताह मे 4 लोगों की मौत के बाद भी डायरिया मरीज के अस्पताल में भर्ती होने का सिलसिला जारी है।हालांकि स्वास्थ्य विभाग डायरिया नियंत्रण की बात तो कह रहा है लेकिन प्रतिदिन अस्पताल में भर्ती हो रहे मरीज विभाग के दावो की पोल खोल रहा है।बताते चले की सोमवार को डायरिया मरीज तारा देवी,लखन कोरवा, अशोक कोरवा,उसका 9 वर्षीय पुत्र शक्ति कोरवा,पुजा कुमारी, शान्ति कुमारी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है जहां इलाज किया जा रहा है,अशोक कोरवा का 9 वर्षीय पुत्र शक्ति कोरवा गंभीर रूप से पीड़ित हैं। उल्लेखनीय है कि झुरही टोला में फैले डायरिया का प्रकोप से अबतक चार की मौत हो चुकी है।बीते मंगलवार को रामजन्म कोरवा गुरुवर को उसका नाती नाती दिनेश कोरवा शनिवार को अशोक कोरवा की पत्नी समुद्री देवी जबकि रविवार को उसके पांच वर्षीय पुत्र की मौत हो चुकी है।अशोक कोरवा अपने पत्नी व पुत्र का अंतिम संस्कार करने के पश्चात खुद तो पीड़ित है ही वहीं उसका 9 वर्षीय पुत्र शक्ति कोरवा भी पीड़ित हों गया है। झुरही टोला पर डायरिया फैले आठ दिन हो गया लेकिन स्वास्थ्य विभाग अबतक डायरिया पर काबू नहीं पा सका है। सिविल सर्जन डॉ अशोक कुमार प्रभावित गांव का दौरा कर डायरिया नियंत्रण का दावा भी किया था।प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि हमारी मेडिकल टीम लगातार गांव में कैंप कर रहीं हैं। हालत नियंत्रण के बजाए बेकाबू होता दिखाई दे रहा है। चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर दिनेश कुमार सिंह ने दावा किया कि फुड प्वाइजनिंग से डायरिया फैला और लोगों की मौत हो गई उन्होंने यह भी कहा कि गन्दा पानी से भोजन बनाया गया था,जिस कारण डायरिया फैला है। हालांकि ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग के दावों को खारिज कर दिया है।कहा की सुरेन्द्र कोरवा के पिता के मौत के पश्चात शुद में चापानल के पानी से भोजन बनाया गया था।

Back to top button
error: Content is protected !!